
बीते दिन उत्तराखंड सरकार ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए नियम और सख्त कर दिए हैं और इसी के साथ 18 मई तक कर्फ्यू लागू कर दिया है। वहीं अब दुकानें हफ्ते में 2 दिन ही खुलेंगे। इसी के साथ शादी में सिर्फ 20 लोगों को ही अनुमति होगी और साथ ही अंतिम संस्कार में भी 20 लोग ही शामिल हो पाएंगे। पहाड़ जाने वालों के लिए भी सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं। जी हां बता दें कि जहां कोरोना संक्रमण ज्यादा है उन जिलों में जाने के लिए अब लोगों को कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट ले जाना अनिवार्य होगा।
बता दें कि कर्फ्यू लगने के बाद लोग पहाड़ों की और ज्यादा लौट रहे हैं जिससे पहाड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है और आए दिन वहां कई मामले सामने आ रहे हैं जिसके बाद सरकार ने सख्त कदम उठाया है.सरकार ने इसे रोकने के लिए अब सबसे ज्यादा प्रभावित देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल औेर ऊधमसिंह नगर जिलों से पहाड़ जाने वालों के लिए आरटीपीसीआर अथवा रैपिड एंटीजन टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। बिना निगेटिव रिपोर्ट केे आप इन जिलों से पहाड़ नहीं जा पायेंगे।
अब प्रवासियों और उत्तराखंड के जिलों से पहाड़ जाने वालों को लिए आरटीपीसीआर की रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है। कोरोनाकाल में पहाड़ों की ओर लौट रहे प्रवासियों को ग्राम पंचायत के क्वारंटाइन सेंटर में रखेगा। जहां उन्हें 7 दिन तक आइसोलेशन किया जायेगा।
प्रवासियों को 72 घंटे की आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट दिखाई होगी। इसके बाद राज्य में प्रवेश के लिए स्मार्ट सिटी के वेबपोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
बता दें कि क्वारंटीन केंद्र की सुविधाओं के लिए सरकार ग्राम पंचायतों को पैसा देगी। अब बस व टैक्सी के चालक और परिचालक एवं हेल्पर के लिए भी 72 घंटे पहले तक की आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है।