
उधमसिंह नगर : सितारगंज में एनआरसी और सीएए बिल के विरोध में सभी शहर वासियों ने एक जगह एकत्र होकर एनआरसी और सीए का विरोध किया और इसे काला कानून बताया और भारत सरकार से इसे वापस लेने की मांग की. साथ ही उपजिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
वहीं मुस्लिम वक्ताओं ने कहा कि पुरे देश में CAA और NCR को काला कानून देश की जनता पर थोपना और देश की जनता को धर्म जातियों के आधार पर बांटने की बात कही गई. वहीं दूसरी और इस बिल की आग से आज पूरा देश जल रहा है। भारत का संविधान धर्मनिरपेक्षता की मूल भावनाओ से खिलवाड़ किया जा रहा है। पूर्वोत्तर के छात्र संगठनों व् आम जनता इस काले कानून के खिलाफ आज सड़कों पर उतर आए है। देश की जनता से अपनी नागरिकता सिद्ध करने के प्रमाण पत्र मांगे जा रहे है।जो की देश की आज़ादी से आज तक देश की जनता के लिये एक चुनौती है ।आज देश की जनता देश का नागरिक होने के प्रमाण पत्रों को सिद्ध करने के लिये भटक रही है। किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं करेगी।
वहीं कई मुस्लिम समाज के एनआरसी और सीएए के विरोध प्रदर्शन में सिख संगठन ने भी समर्थन किया और एनआरसी और सीएए को देश विरोधी कानून बताया।
गदरपुर में भी नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध
गदरपुर में नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करते हुए विशेष समुदाय के लोग गदरपुर उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे औऱ एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा. नगर पालिका अध्यक्ष गदरपुर गुलाम गौस ने कहा कि नागरिकता संशोधन पूरी तरह गलत है. यह भारत के मुसलमानों के खिलाफ है जबकि भारत की आजादी के लिए देश के सभी वर्गों ने के साथ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी आहुतियां दी थी. हम इस नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करते हैं. अतः सरकार से मांग करते हैं कि इस को जल्द से जल्द वापस लें.