
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बार चिंतित कर देने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि कूनो में रह रहे तीन चीतों ओबान, फ्रेंडी और एल्टन की गर्दन में कीड़े पाए जाने की बात सामने आ रही है।
तीनों चीतों में मिला संक्रमण
बताया जा रहा है कि कूनो पार्क में चीतों के लगाई गई कॉलर आईडी से घाव होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जानकारी के अनुसार पार्क के तीनों चीतों में संक्रमण पाया गया है। चीते ओबान का कॉलर आईडी हटाने पर एक गहरा घाव मिला है। जिसमें कीड़े लगे हुए हैं। चीता एल्टन और फ्रेडी को बेहोश करने की कोशिशि की जा रही है। कहा जा रहा है कि जल्द ही साउथ अफ्रीका से वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट की टीम जांच के लिए कूनो नेशनल पार्क पहुंचेगी। इसी के साथ अग्नि और वायु इन दोनों चीतों के पैर में फैक्चर और छाती में चोट पाई गई है।
निर्भय को छोड़ बाकी चीते बाड़े में
वहीं अब लगातार हो रही चीतों की मौत के बाद एक बार फिर सभी चीतों को बाड़े में वापस रख लिया गया है। केवल एक तीका निर्भय सेसईपुरा क्षेत्र में भ्रमण कर रहा है। बाकी सभी चीते बाड़े में बंद कर दिए गए हैं।
मौत की वजह रेडिया कॉलर या नहीं
हालांकि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने रविवार को उन मीडिया रिपोर्ट को खारिज किया है जिसमें ये दावा किया जा रहा था कि चीतों की मौत रेडियो कॉलर के कारण हुई है। जीपीएस आधारित रेडियो कॉलर को चीतों के गले में बांधा गया है, ताकि उनकी स्थिति पर नजर रखी जा सकी। हालांकि चीता लाने की परियोजना से जुड़े एक विशेषज्ञ ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका से लाए गए एक नर चीता की मौत रेडियो कॉलर से हुए संक्रमण के कारण हुई थी।
चार महिने में आठ चीतों की मौत
बता दें, मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शुक्रवार को एक मेल चीते सूरज की मौत हो गई थी। जांच रिपोर्ट में चीते सूरज के गले में घाव और घाव में कीड़े होने की बात सामने आई थी। इससे पहले पिछले मंगलवार को नर चीता तेजस की मृत्यु हुई थी। कूनो नेशनल पार्क में पिछले चार महीने में आठ चीतों की मौत हो चुकी है। इसमें पांच चीते और तीन शावक शामिल हैं। अब कूनो नेशनल पार्क में 15 चीते और एक शावक बचा है।
इससे पहले केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने चीते की मौत पर कहा था कि इंटरनेशनल विशेषज्ञों की टीम कूनो में जांच करेंगी। चीतों को कूनो से दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाएगा।