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कोरोना ड्यूटी में घर-परिवार को भूल गईं उत्तराखंड की महिला अफसर, 14 घंटे कर रही काम, खुद को किया अलग

Breaking uttarakhand newsदेहरादून : पहले के समय में महिलाओं को कमजोर समझा जाता था और घर के कामों तक ही सीमित रखा जाता था लेकिन आज के युग में महिलाओं ने साबित कर दिखाया है कि वो पुरुषों से कम नहीं हैं। अगर उनके कंधों पर कोई जिम्मेदारी सौंपी जाए तो उस जिम्मेदारी को वो पुरुषों से भी ज्यादा बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं और उस जिम्मेदारी को पूरा करती हैं…और इसे सच साबित कर दिखाया है उत्तराखंड की तेजतर्रार महिला अफसर एसपी सिटी श्वेता चौबे ने।

Breaking uttarakhand newsदेहरादून के एसपी सिटी के पद पर तैनात हैं श्वेता चौबे

जी हां बता दें कि श्वेता चौबे देहरादून के एसपी सिटी के पद पर तैनात हैं और 2005 बैच की यूपीएस हैं। कोरोना जैसे घातक वायरस की जंग में पुलिस के जवान से लेकर अधिकारी तक योद्धा की तरह लड़ाई लड़ रहे हैं। ऐसे में श्वेता चौबे पीछे नहीं हैं। जी हां एसपी सिटी श्वेता चौबे दिन में 14-14 घंटे काम कर रही हैं। अपने कंधों पर आई जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं. अपनी वर्दी की जिम्मेदारियों को पहले प्राथमिकता देते हुए श्वेता चौबे दिन रात काम कर ही हैं और घर में बच्चों से दूरी बनाएं हुए हैं।

भूखों का भर रहीं पेट, बच्चे ताकते मां की राह, खुद को किया अलग कमरे में कैद

तेजतर्रार अफसर श्वेता चौबे एक तरफ एक मां तो दूसरी तरफ खाकी पहनकर अपने जिले की कमान संभालते हुए लोगों को कोरोना से बचा रही हैं और कोरोना से जंग लड़ रही हैं। लॉकडाउन के दौरान भूखे गरीब असहाय लोगों को राशन बांट रही हैं तो वहीं बच्चे घर के चौखट पर मां की राह ताक रहे हैं। वहीं जब मां घर जाती है तो बच्चों से मिल तक नहीं पाती। मां ने बच्चों से दूरी बनाई हुई है क्योंकि खाकी धारी भी दो बच्चों की मां हैं जिनके बच्चे भी अपनी मां की राह ताकते हैं लेकिन दिन भर ड्यूटी कर जब खाकी धारी मां घर जाती हैं तो अपने आपको खुद को अलग कमरे में कैद कर नियम का पालन करती है ताकि बच्चे सुरक्षित रहें।

Breaking uttarakhand newsनोर्थ ईस्ट के छात्रों को दे रही हर सुख सुविधा, जमातियों को ढूंढने में जुटी

लॉकडाउन के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के कंधों पर जिम्मेदारी काफी आ गई है। एक तो खतरनाक वायरस का कहर और ऊपर से लॉकडाउन का उल्लंघन करते लोग…दोनों को पुलिस को संभालना है ऐसे में जिले की कमान संभाल रहे एसएसपी और एसपी सिटी समेत तमाम अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। देहरादून में एसपी सिटी के नेतृत्व में टीमों ने नौकरी करने यहां फंसे मजदूरोंं-श्रमिकों को खाना बांटा तो वहीं नोर्थ ईस्ट के फंसे छात्रों को हर सुख सुविधा मुहैया कराई जा रही है। एसपी सिटी ने इसकी कमान संभाली हुई है। वहीं इतना ही नहीं एसपी सिटी इन दिनों 14-14 घंटे काम कर टीम के साथ जमातियों को ढूंढ-ढूंढ पता लगाने में जुटी हैं और उन्हें क्वारन्टाइन करवा रही हैं

एक तरफ मां तो दूसरी तरफ खाकी जिम्मेदारी निभा रहीं एसपी सिटी

जी हां दिन भर ड्यूटी करने के बाद एसपी सिटी जब घर जातीं हैं बच्चों से नहीं मिलतीं हैं बल्कि अपने आपको एक कमरे में क्वारन्टाइन कर देती हैं। बच्चे मां से मिलने के लिए मां से गले मिलने को बेताब रहते हैं लेकिन एक महिला को एक मां की और खाकी दोनों की जिम्मेदारी जो निभानी है। ऐसे में तेजतर्रार महिला आईपीएम जिले

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