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मां ने सोने की चेन बेचकर दिलाई क्रिकेट किट, Team इंडिया में हुआ चयन, जानें Dhruv Jurel की संघर्ष की कहानी

इंग्लैंड और टीम इंडिया के बीच जल्द ही दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। ऐसे में उत्तरप्रदेश के विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरैल(Dhruv Jurel) पहली बार टेस्ट टीम का हिस्सा बनेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ वो टेस्ट में डेब्यू करने जा रहे हैं। ऐसे में चलिए जानते है यूपी के इस युवा खिलाड़ी के संघर्ष की कहानी।

सेना में हवलदार थे Dhruv Jurel के पिता

ध्रुव जुरैल यूपी की तरफ से रणजी खेले। जिसके बाद उन्होंने भारत ‘ए’ के लिए खेला। ऐसे में अब पहली बार उन्हें नेशनल टेस्ट टीम में खेलने का मौके मिला है। बता दें की ध्रुव के पिता सेना में हवलदार थे। तो पहले वो सेना में अफसर बनने के बारे में सोचते थे। लेकिन वो गली क्रिकेट भी खेलते थे। जिसके बाद उनका रुझान क्रिकेट की ओर चला गया। जब उनहोंने अपने पापा से क्रिकेट खेलने की बात की तो उनके पापा ने साफ़ इंकार कर दिया और सरकारी नौकरी करने की सलाह दी।

मां ने सोने की चेन बेचकर दिलाई पहली क्रिकेट किट

ध्रुव की घर की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी। वो आर्मी स्कूल में पढ़ते थे। उन्हें क्रिकेट खेलने का शौक था। तो उन्होंने अपने पापा को बिना बताए क्रिकेट सीखने का फार्म भर दिया। बाद में पापा को पता चलने पर उन्हें काफी डांट पड़ी लेकिन बाद में वो मान गए।

ध्रुव के पापा ने पैसे उधार लेकर उनके लिए 800 रुपये का बैट खरीदा। जिसके बाद उन्हें किसी टूर्नामेंट के लिए क्रिकेट किट चाहिए थी। घर की स्थिति ठीक ना होने के कारण परिवार के लिए क्रिकेट किट के लिए पैसे जुटाना काफी मुश्किल था। ऐसे में ध्रुव की मां ने अपनी सोने की चेन बेचकर उनको पहली क्रिकेट किट दिलाई।

अंडर-19 टीम के उप-कप्तान रह चुके है Dhruv Jurel

ध्रुव ने यूपी से ही क्रिकेट खेला है। उन्होंने अंडर-14, उसके बाद अंडर 16 खेला। जिसके बाद उन्हें अंडर-19 विश्व कप खेलने का भी मौका मिला। वो भारतीय अंडर-19 टीम के उप-कप्तान रह चुके है। उभरते विकेटकीपर बल्लेबाज को राजस्थान रॉयल ने साल 2022 की आईपीएल की मेगा नीलामी में टीम में शामिल किया था। जसके बाद अब वो IND Vs ENG के बीच होने वाले टेस्ट मैच का हिस्सा होंगे।

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