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उत्तराखंड: क्या युवाओं को करना पड़ेगा 2000 नौकरियों का इंतजार, ये है कारण!

देहरादून: कोरोना एक बार फिर नौकरियों की राह में रोड़ा अटका सकता है। अगर कोरोना नियमों का सही से पालन किया गया तो, बेरोजगारों को झटका लग सकता है। उनकी नौकरी का सालों से चला आ रहा इंतजार और बढ़ सकता है। कोरोना के कारण करीब 2000 नौकरियों पर देरी की तलवार लटक रही है। दो हजार पदों के लिए होने वाली आगामी भर्तियों पर ब्रेक लग सकता है। इसके दो कारण हैं। पहला अधिकारियों की चुनाव में जिम्मेदारी मिलने के कारण अधिकारियों की व्यस्तता और दूसरा कारण कोरोना का खतरा हो सकता है।

हालांकि प्रदेश की सबसे बड़ी भर्ती पर इसका असर नहीं पड़ेगा। यह स्नातक स्तरीय परीक्षा 4 और 5 दिसंबर को तीन पालियों में आयोजित की जाएगी। इसके लिए पहले ही कार्यक्रम भी जारी हो चुका था। इसके साथ ही कुछ अन्य परीक्षाएं भी होनी हैं, जिनको लेकर अब तक यूकेएसएसएससी ने फिलहाल कोई डेट जारी नहीं की हैं। 12 नवंबर को होने वाली परीक्षा भी टल सकती है। हालांकि, इस परीक्षा के प्रवेश पत्र पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

UKSSSC के अनुसार, प्रदेशभर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड-19 के नियमों का पालन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी भी चल रही है। कुछ हफ्तों बाद अधिकारी-कर्मचारी भी चुनाव के कार्यक्रम में व्यस्त हो जाएंगे। ऐसे में बंदी रक्षक, पटवारी, लेखपाल समेत समूह ‘ग’ और अन्य विभागों में खाली पड़े पदों पर होने वाली करीब दो हजार पदों पर भर्तियों के लिए शारीरिक और लिखित परीक्षा पर असर पड़ सकता है।

UKSSSC सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि, भर्तियों को जल्द संपन्न करवाने के लिए आयोग की तैयारी पूरी है। हालांकि, कोरोना की संभावित तीसरी लहर के कारण ही कुछ बाधाएं आ सकती है। आचार संहिता और चुनाव से आगामी परीक्षाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि अधिकारियों के चुनाव में व्यस्तता के चलते कुछ दिनों का व्यवधान हो सकता है। वहीं आगामी 4 और 5 दिसंबर को होने वाली परीक्षाएं निर्धारित समय पर कराई जाएंगी। इसके लिए एडमिट कार्ड भी जारी किए जा चुके हैं।

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