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सत्ता के लिए कुछ भी करेगा: जेल जाओ या डिप्टी CM बनो, अजीत पवार डिप्टी CM बन गए

breaking uttrakhand newsमहाराष्ट्र: आपने शायद ही कभी ये सुना होगा, लेकिन ये सच है कि जेल जाने से भी बच गए ओर राज्य के डिप्टी सीएम भी बन गए। ये किसी और के साथ नहीं। बल्कि शरद पवार के भतीजे अजीत पवार के साथ हुआ है। उन्होंने अपनी पार्टी से इतर भाजपा को समर्थन दिया और भाजपा की सरकार बना दी। कहा जा रहा है कि अगर वो डिप्टी सीएम नहीं बनते तो सलाखों के पीछे होते। इस तरह की खबरें लगातार मीडिया रिपोर्टों में सामने आ रही हैं। इसको लेकर मीडिया रिपोर्ट में कई दावे और सबूत भी पेश किये गए हैं।

दो ही विकल्प थे

एनसीपी प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार जो कि आज महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम बने हैं, उनके सामने दो ही विकल्प थे। एक कि वे भाजपा को समर्थन देकर डिप्टी सीएम की कुर्सी पर बैठ जाएं और दूसरा, ये कि ऐसा नहीं करते, तो आपराधिक मामलों में कानूनी शिकंजे में कसे जाते। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ईडी के एक अधिकारी का दावा है कि अजित पवार, शरद पवार और उनके कई सहयोगियों के खिलाफ धन शोधन के मामलों में कभी भी पूछताछ हो सकती है।

25000 करोड़ रुपये के घोटाले

ईडी ने सितंबर में एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के खिलाफ 25000 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप में धन शोधन रोकथाम अधिनियम का मामला दर्ज किया था। कांग्रेसी नेता दिग्विजय का आरोप है कि भाजपा सरकार ने ईडी और सीबीआई की मदद से महाराष्ट्र में सरकार बनाई है। ईडी ने यह मामला मुंबई पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर दर्ज किया था।

पूछताछ के लिए बुलाया जाना था

यह कहा जा रहा है की इस मामले में आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाना था। इस बाबत कई बार नोटिस तैयार किया गया, लेकिन अंतिम क्षणों में उसे रोक लिया जाता। इसकी वजह कुछ कानूनी पहलू बताए गए, लेकिन सूत्रों की मानें तो यह सब कथित तौर पर केंद्र के इशारे पर हो रहा था। 2007 और 2011 के बीच कथित रूप से एमएससीबी को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने की बात भी सामने आई थी।

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