Big NewsReligiousUttarakhand

छोटी दिवाली पर क्यों जलाया जाता है यम का दीपक, जानें शुभ मुहूर्त

खुशियों के त्योहार दीपावली की धनतेरस से शुरुआत हो चुकी है। धन त्रयोदशी के बाद यानि कि दीपावली के एक दिन पहले मनाई जाती है छोटी दीवाली। बता दें कि कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी तिथि को प्रदोष काल में छोटी दिवाली मनाते हैं। इस दिन यम का दीपक जलाते हैं। छोटी दीपावली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है।

आज होती है मां काली और श्री कृष्ण की पूजा

छोटी दीपावली पर मां काली की पूजा की जाती है। पुराणों के मुताबिक मां काली ने कई राक्षसों का वध कर अपने भक्तों को उनके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। जिस कारण दिवाली की अमावस्या तिथि पर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। बड़ी दीपावली से ठीक एक दिन पहले छोटी दीपावली पर मां काली की पूजा की जाती है। आज 11 नवंबर को छोटी दीवाली मनाई जा रही है और आज मां काली की पूजा की जाएगी। इसके साथ ही आज भगवान श्री कृष्ण की पूजा भी की जाती है।

आज जलाया जाता है यम का दीपक

ऐसा कहा जाता है कि कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को ही भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। इस राक्षस ने देवताओं के साथ ही ऋषियों को भी बेहद ही परेशान किया हुआ था और 16000 कन्याओं को इसने बंधक बना लिया था।

चतुर्दशी तिथि के दिन इसका वध होने के कारण ही आज के दिन को नरक चतुर्दशी और नरक चौदस भी कहा जाता है।

दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त

11 नवंबर 2023 को दोपहर 1:57 से कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी और 12 नवंबर 2023 को दोपहर 2:44 तक रहेगी। नरक चतुर्दशी पर यमराज पूजन और चौमुखी दीपक जलाने का शुभ समय 5:40 से लेकर शाम 7:36 तक है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन यमराज की पूजा करने से और दीप जलाने से परिवार के ऊपर आने वाला अकाल मृत्यु का खतरा टल जाता है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
Back to top button