राज्यसभा से फिसले त्रिवेंद्र कहां जाएंगे? कहीं बीजेपी ने भुला तो नहीं दिया?

 

उत्तराखंड से राज्यसभा की खाली हो रही एक सीट के लिए बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने नाम का ऐलान कर दिया है। ये नाम कई लोगों को हैरान करने वाला है। वहीं कुछ ऐसे नामों के अरमानों पर पानी फेरने वाला भी है जो इस रेस में काफी आगे माने जा रहे थे।

बीजेपी ने उत्तराखंड से राज्यसभा के लिए खाली हो रही एक सीट के लिए कल्पना सैनी को चुना है। डा. कल्पना सैनी रुड़की से आती हैं। आम तौर पर पहाड़ के लोगों ने कल्पना सैनी का नाम भी नहीं सुना होगा। आम नागरिकों की छोड़िए कई बीजेपी कार्यकर्ता भी ऐसे हैं जो कल्पना सैनी के बारे में बहुत अधिक नहीं जानते होंगे।

फिलहाल कल्पना सैनी अब राज्यसभा सांसद के तौर पर जल्द ही चुन ली जाएंगी। विधानसभा में चूंकि बीजेपी का बहुमत है लिहाजा उनके सामने कोई चुनौती नहीं आने वाली है।

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इधर कल्पना सैनी के नाम पर मुहर लगने के बाद जिस नेता की सबसे अधिक चर्चा हो रही है वो हैं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत। दरअसल चर्चाएं चल रहीं थीं कि त्रिवेंद्र सिंह रावत को बीजेपी राज्यसभा भेज सकती है। चूंकि त्रिवेंद्र ने इस बार विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा लिहाजा इस उम्मीद को और बल मिला। त्रिवेंद्र पिछले काफी दिनों से सक्रिय भी दिख रहे थे। उनके यहां बीजेपी के विधायकों, नेताओं का आना जाना भी लगा हुआ था। वो खुद भी बीजेपी के कई कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे थे। ऐसे में ये माना जा रहा था कि बीजेपी उन्हे राज्यसभा के लिए चुन सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।

 

ऐसे में सवाल उठता है कि अब त्रिवेंद्र सिंह रावत का सियासी भविष्य क्या होगा? संगठन में सक्रिय रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री तक का सफर देख लिया है। अब उन्हे शायद विधायक बनना गंवारा न हो। ऐसे में उनके पास दो ही रास्ते बचते है। या तो वो संसद में जाएं या फिर संगठन में वापस भेजे जाएं। संसद में जाने के लिए लोकसभा का टिकट उनको मिलेगा ऐसा लगता नहीं है। राज्यसभा उन्हे भेजा नहीं गया। ऐसे में संगठन ही अंतिम विकल्प बचता है।

 

हालांकि बीजेपी की राजनीति को करीब से जानने वाले बताते हैं कि झारखंड के प्रभारी रहते हुए इनपर जिस तरह के आरोप लगे उससे संगठन में वापसी भी मुश्किल है। तो फिर ऐसे में क्या ये मान लिया जाए कि बीजेपी ने बेहद संजीदगी के साथ राज्य के एक पूर्व मुख्यमंत्री और अपनी ही पार्टी के नेता को निबटा दिया है।

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