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300 मौतों के बाद वायनाड को मिलने जा रहा ग्रीन प्रोटेक्शन, जानें इसके बारे में

वायनाड में आए लैंडस्लाइड ने तबाही मचा दी है। अभी तक इस हादसे में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोग लापता है। इस बीच यूनियन एनवायरेंट मिनिस्टर ने अब पश्चिम घाट को इकोलॉडजिकली सेंसिटिव एरिया घोषित करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें वायनाड के गांव भी शामिल है।

वायनाड के कौन से गांव होंगे शामिल?

बता दें कि जारी किए गए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में वायनाड के वो गांव शामिल होंगे जहां पर लैंडस्लाइड की वजह से कई लोगों की जान चली गई है। यह लैंडस्लाइड 30 जुलाई की सुबह आई थी। सरकार का ये ईएसए क्लाफिकेशन प्रपोजल छह राज्यों और पश्चिमी घाट के 59,940 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र- या लगभग 37 प्रतिशत क्षेत्र को कवर करता है। सरकार का आया ड्राफ्ट जुलाई 2022 में जारी किए गए ड्राफ्ट की तरह है।

ESA में क्या होंगे बदलाव?

इस ड्राफ्ट में वायनाड में विथिरी के कुछ हिस्सा भी ESA के लिए शामिल किया गया है, विथिर लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, अगर इस मामले को अंतिम रुप दिया जाएगा और ESA घोषित किया जाता है तो क्षेत्रों में माइनिंग, उत्खनन, सैंड माइनिंग, थर्मल पावर प्लांट और पॉल्युटिंग इंडस्ट्री पर पूरी तरह से बैन लगाया जाएगा। इसके अलावा तय किए गए सीमा के ऊपर के नए कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट और टाउनशिप डेवलपमेंट पर भी रोक लगाई जाएगी। इस ड्राफ्ट को छठी बार रिन्यू किया गया है, जिसमें कहा गया है कि 20, 000 वर्ग मीटर और उससे ज्यादा भी सभी नई भवन विस्तार प्रोजेक्ट और निर्मित क्षेत्र के कंस्ट्रक्शन और विस्तार प्रोजेक्ट्स और 50 हेक्टेयर और उससे ज्यादा क्षेत्र या 150,000 वर्ग मीटर और उससे ज्यादा के निर्मित क्षेत्र के साथ सभी नई और विस्तारित टाउनशिप और एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर रोक लगाई जाएगी।

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