highlightNainital

उत्तराखंड : डराने लगा पानी का संकट, इतना घटा जलस्तर, कैसे कटेगी गर्मी

Breaking uttarakhand news

हल्द्वानी : शहर के लोगों को इस बार गर्मी के सीजन में पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ सकता है। क्योंकि हालात बद से बदतर हो गए हैं। पिछले कई सालों में मार्च के महीने में पहली बार ऐसा हुआ है कि गौला नदी का जलस्तर महज 77 क्यूसेक रह गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में न सिर्फ सिंचाई का संकट होगा बल्कि हल्द्वानी में पानी की बूंद-बूंद के लिए शहर के लाखों की आबादी को परेशान होना पड़ सकता है।

अगर आंकड़ो की बात की जाए तो 2019 में मार्च महीने के में गौला नदी का जलस्तर 213 क्यूसेक था। जबकि, 2020 में मार्च के महीने में ही 278 क्यूसेक जलस्तर था और 2021 यानी इस साल मार्च में महज 77 क्यूसेक पानी नदी में है लिहाजा साफ है कि आने वाले दिनों में पानी को लेकर हाहाकार मचेगा। हल्द्वानी के शहरी इलाके के अलावा काठगोदाम गौला बैराज से गौलापार क्षेत्र में सिंचाई के लिए भी पानी दिया जाता है।

जहां 30 क्यूसेक पानी पेयजल के लिए खर्च होता है, तो वहीं 47 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए। ऐसे में मई और जून के महीने में हालात बद से बदतर हो सकते हैं। पेयजल किल्लत को लेकर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल का कहना है कि इस बार बरसात नहीं हुई है और ना ही बर्फबारी। लिहाजा पानी का जलस्तर कम हुआ है। इसलिए पानी की आपूर्ति पूरी करने के लिए दूसरे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है और भाबर के इलाके में बोर बेल बनाये जाएंगे, जिससे गर्मी में पेयजल किल्लत ना हो।

Back to top button