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उत्तराखंड : यहां मिला रूप बदलने वाला सांप, एक से दूसरे पेड़ पर लगाता है लंबी छलांग

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देहरादून: राजधानी देहरादून में अक्सर कई तरह के सांप निकलने लगते हैं। कोबरा से लेकर कई अन्य तरह के खतरनाक सांप को वन विभाग के कर्मचारी और रेस्क्यू टीमें पकड़कर जंगल में छोड़ती हैं। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने राजधानी में पहली बार दुर्लभ प्रजातियों में शुमार ब्रोंजबैक ट्री स्नेक को पकड़ा है। ये बेहद फुर्तीला और एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर लंबी छलांग लगा सकता है।

यह ब्रोंजबैक ट्री स्नेक है, जिसे रेस्क्यू टीम के विशेषज्ञों ने दिलाराम चैक सेवक आश्रम रोड से पकड़ा। सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है। दिलाराम चैक सेवक आश्रम रोड निवासी अतुल गंभीर के घर में मजदूर पहली मंजिल पर निर्माण कार्य कर रहे थे। इसी बीच मजदूरों ने कुछ सामान उठाय। वहां उनको एक अजीबो गरीब सांप ने ऊपर से ही जमीन पर छलांग लगा दी।

अतुल गंभीर ने इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। अधिकारियों के निर्देश पर विभागीय रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, लेकिन सांप को देखते ही रेस्क्यू टीम भी हैरान रह गई। रेस्क्यू टीम में शामिल विशेषज्ञ रवि जोशी के अनुसार ब्रोंजबैक ट्री स्नेक राजधानी दून में पहली बार पकड़ा गया है। ब्रोंजबैक ट्री स्नेक अमूमन घने जंगलों के बीच पेड़ों की ऊंची डालियों पर पाया जाता है। येएक डाली से दूसरी डाली के बीच लंबी छलांग लगा सकता है। ऐसे में इसे उड़ने वाला सांप भी कहा जाता है।

ये खतरा होने पर अपना रूप भी बदल देता है। खतरा होने पर यह अपना शरीर बेहद पतला कर लेता है। साथ ही पेड़ों की डालियों से ऐसे चिपक जाता है जैसे वह पेड़ की डाली का ही हिस्सा हो। उन्होंने बताया कि ब्रोंजबैक ट्री स्नेक जहरीला नहीं होता। सांप की आंखें अन्य सांपों की तुलना में बहुत अधिक बड़ी और पूछ बेहद लंबी व तार जैसी पतली होती है। मेंढक और छिपकली ब्रोंजबैक ट्री स्नेक का पसंदीदा भोजन हैं।

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