
हरिद्वार : एक युवक को वर्दी पहनने का इतना शौक था कि बेरोजगारी के कारण कोई नौकरी न मिल पाने के कारण वो फर्जी दारोगा बन बैठा। वर्दी पहनकर आस पास घूमता। यहां तक के आस पास के पुलिसकर्मी भी उसे पहचान नहीं पाए कि वो फर्जी दारोगा बन घूम रहा है। उन्हें लगा कि लॉकडाउन के कारण दूसरे क्षेत्र का दारोगा गश्त पर है लेकिन फर्जी दारोगा का ये खेल ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया।
फर्जी दारोगा रोज आस पास के क्षेत्र में घूमता था
पुलिस को जानकारी मिली कि फर्जी दारोगा रोज आस पास के क्षेत्र में घूमता। उसका ड्यूटी पर तैनात पुलिस वालों से रोज सामना भी होता। बाकी पुलिसकर्मियों को यहीं लगता कि लॉकडाउन के चलते दारोगा गश्त में है और आस पास के थाने से होगा। फर्जी दारोगा रानीपुर और ज्वालापुर क्षेत्र में अक्सर घूमता लेकिन एक दिन ज्वालापुर में जब लोगों को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ। औऱ इसकी सूचना पुलिस को दी गई तब पुलिस ने उसकी धरपकड़ के लिए जाल बिछाया।ज्वालापुर कोतवाली की एक पुलिस टीम ने उसे क्षेत्र में घूमते हुए रोका। पुलिस ने फर्जी दारोगा से कामकाज से संबंधित सवाल-जवाब किए तो वो जवाब नहीं दे पाया। पुलिस के जवाब सुन वो कोई सही जवाब नहीं दे पाया औऱ घबरा गया जिससे पुलिस को सब पता चल गया।
वर्दी पहनने के शौक ने बनाया फर्जी दारोगा, बेरोजगार
ज्वालापुर कोतवाल योगेश सिंह देव ने बताया कि आरोपित जैनेंद्र कुमार मूल रूप से मिर्जापुर उत्तर प्रदेश का निवासी है और यहां रोशनाबाद में रहता है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पता चला कि आरोपित जैनेंद्र बेरोजगार है और उसे वर्दी पहनने का शौक है। इसलिए लॉकडाउन में उसने वर्दी सिलाई और कई दिन से घूम-घूम कर लोगों को डरा-धमकाने लगा। हालांकि उसके खिलाफ वर्दी पहनकर लोगों से ठगी या धोखाधड़ी करने की शिकायत नहीं मिली है।