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उत्तराखंड : पत्थर हटाते गए-एंबुलेंस बढ़ाते गए, ITBP जवान को रातों-रात पहुंचाया अस्पताल

Breaking uttarakhand newsपिथौरागढ़ : 108 एंबुलेंस पर कई बार देरी से पहुंचने और नहीं पहुंचने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन, कई बार ऐसा भी होता है कि वो अपनी जान पर खेलकर मरीज को सही सलामत अस्पताल पहुंचाते हैं। ऐसी ही एक मिसाल मुनस्यारी अस्पताल में तैनात 108 के कर्मचारियों ने पेश की है। कर्मियों ने जान की परवाह किये बगैर ITBP के जवान को अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका इलाज चल रहा है। भारत-चीन सीमा पर मिलम में तैनात ITBP के एक जवान की तबियत बिगड़ गई, जिसे मुनस्यारी अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर किया गया। 108 कर्मी रात करीब 12 बजे जवान को मुनस्यारी से पिथौरागढ़ की ओर से ला रहे थे।

मिलम में तैनात ITBP के जवान प्रमोद गोस्वामी कि अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें आइटीबीपी जवान मुनस्यारी ले आए थे। रात करीब 12 बजे 108 कर्मी यहां से जिला अस्पताल की ओर लेकर आ रहे थे। थल-मुनस्यारी मार्ग पर कई जगह पत्थर और नाला आने के कारण रोड बंद हो गई थी।

कर्मियों ने रोड पर गिरे पत्थरों को खुद हटाकर रास्ता बनाया और जवान को किसी तरह हरड़िया तक ले आए। यहां जब रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, तो समझदारी का परिचय देते हुए थल से दूसरी एंबुलेंस रवाना किया। हरड़िया के पास लगातार गिर रहे मलबे और बोल्डरों के बीच ITBP के जवान को 108 कर्मियों ने दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया।

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