
कोटद्वार: कोटद्वार पुलिस ने एक इंटरनेशनल किडनी गैंग का खुलासा किया है। नजीबाबाद के एक व्यक्ति ने कोटद्वार के एक परिवार से किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर 50 लाख की ठगी को अंजाम दिया था। जिसकी शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। मामले की तह तक पहुंचने के बाद पुलिस के हत्थे मुख्य आरोपी पढ़ गया। पूछताछ में उसने से खुलासे किये, उसने पुलिस को भी चैंका दिया।
अंतर्राष्ट्रीय किडनी रैकेट
किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर ठगी करने वाला अमरीश प्रताप अंतर्राष्ट्रीय किडनी रैकेट का सरगना निकला। मूलरूप से मेरठ के रहने वाले अमरीश प्रताप का किडनी ट्रांसप्लांट का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर में तक है। अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय ने बताया कि कोटद्वार के उमेश नगर नजीबाबाद रोड निवासी सुभाष फूल ने पिछले 29 अक्तूबर को कोतवाली में किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर ठगी करने के मामले में शिकायत की थी।
भोपाल से गिरफ्तार
जांच में यह बात सामने आई है कि अमरीश प्रताप का किडनी ट्रांसप्लांट का नेटवर्क अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन, श्रीलंका, बेलारूस, टर्की, मिश्र, नेपाल आदि देशों में फैला हुआ है। आरोपी अमरीश प्रताप को दबोचने के लिए पहले उसके नोएडा स्थित आवास पर दबिश दी गई थी, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद उसके बैंक खातों में उसका भोपाल का पता मिलने पर वहां दबिश दी गई, लेकिन वह वहां भी नहीं मिला।
जेल भेजा जांच जारी
उपनिरीक्षक कमलेश शर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम ने भोपाल में ही डेरा डाल दिया। पता चला कि आरोपी भोपाल में ही अपार्टमेंट में रह रहा है। पुलिस ने 13 दिसंबर को उसे दबोच लिया। आरोपी दिल्ली भागने की फिराक में था। भोपाल की स्थानीय कोर्ट से आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर रविवार देर शाम कोटद्वार लाया गया। सोमवार को उसे स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेज दिया गया है।
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