Nationalhighlight

उत्तराखंड हेलीकॉप्टर क्रैश!, पायलट राजवीर सिंह की तेहरवीं के दिन मां ने तोड़ा दम, नहीं सह पाई सदमा

केदारनाथ हेलिकॉप्टर हादसे में पायलट राजवीर सिंह चौहान की मौत के महज 13 दिन बाद अब एक और दुखद खबर सामने आई है। जवान बेटे की असमय मौत का ग़म उनकी मां विजय लक्ष्मी चौहान सहन नहीं कर पाईं। जिसके चलते शनिवार 28 जून को उन्होंने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

उत्तराखंड हेलीकॉप्टर क्रैश!, बेटे की तेहरवीं पर मां ने तोड़ा दम

परिवार के मुताबिक राजवीर की मौत के बाद से ही उनकी मां की तबीयत लगातार खराब रहने लगी थी। मन से पूरी तरह टूट चुकीं विजय लक्ष्मी घर पर अक्सर चुपचाप बैठी रहती थीं। शनिवार सुबह शास्त्रीनगर की राणा कॉलोनी स्थित घर के बाहर वो परिवार के कुछ लोगों के साथ बैठीं थीं। तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। परिजन तुरंत उन्हें नजदीकी कांवटिया अस्पताल लेकर गए। लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बेटे की तेहरवीं के दिन मां की उठी अर्थी

सबसे भावुक करने वाली बात ये रही कि ये घटना उस दिन हुई जब पायलट राजवीर की तेरहवीं थी। बेटे की विदाई के दिन मां का यूं चले जाना पूरे परिवार के लिए एक और गहरा सदमा बन गया। मां विजय लक्ष्मी का अंतिम संस्कार भी उसी दिन कर दिया गया।

केदारनाथ हेलिकॉप्टर क्रैश

बता दें कि पायलट राजवीर सिंह सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल रह चुके थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने एक प्राइवेट एविएशन कंपनी जॉइन की थी। 15 जून को केदारनाथ में जब हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ तो राजवीर ही उस हेलिकॉप्टर को उड़ा रहे थे। इस हादसे में पायलेट समेत सात लोगों की जान गई थी। सबसे दर्दनाक बात ये है कि राजवीर कुछ ही महीने पहले जुड़वा बेटों के पिता बने थे।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
Back to top button