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उत्तराखंड : पिता वकील तो बेटी बनी जज, गुनाहगारों को सजा सुनाएंगी शुभांगी

Breaking uttarakhand newsहरिद्वार : बेटियां अब बढ़चढ़ कर समाज में आगे बढ़ रही हैं. बात चाहे पुलिस विभाग की करें या विधि की बात राज्य और देश सुरक्षा की करें या विकास की…आज ऊंचे पदों पर बेटियां और महिलाएं आसीन है जो देश औऱ राज्य आगे बढ़ा रही है. वहीं अब बेटियां कई अपराधियों के अपराध का फैसला भी सुना रही है. उस पिता के लिए कितनी खुशी की बात होगी कि वो वकील है और उसकी बेटी उससे भी आगे निकल जाए..जी हां ऐसा ही हुआ हरिद्वार के कनखल मोहल्ले की रहने वाली शुभांगी गुप्ता के साथ. जिन्होंने पहले ही कोशिश में पीसीएस जे की परीक्षा पास की और जज बन गई. जबकि उनके पिता वकील है। शुभांगी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को दिया है.

बता दें कि शुभांगी की प्रारंभिक शिक्षा डीपीएस रानीपुर से हुई है और शुभांगी ने 2010 में हाईस्कूल और 2012 में इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। 2017 में लॉ कॉलेज देहरादून से शुभांगी ने पांच वर्षीय बीए एलएलबी इंटीग्रेटेड कोर्स किया औऱ फिर कुछ दिन घर पर रहकर तैयारी की। बाद में दिल्ली के एक कोचिंग में डेढ़ साल तक तैयारी की। वहीं इसी बीच 2018 में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से निकली पीसीएस जे भर्ती के लिए आवेदन किया। मई 2019 में प्री और सितंबर में मुख्य परीक्षा में सफलता के बाद 17 दिसंबर को आयोग परिसर में हुए साक्षात्कार में शामिल हुईं।  परिणाम देखकर शुभांगी और उनके परिवार में खुशी का माहौल छा गया। बधाई देने वालों का तांता लग गया।

पिता वकील तो बेटी बनी जज

बता दें कि शुभांगी केपिता नीरज गुप्ता रोशनाबाद जिला न्यायालय में सहायक शासकीय अधिवक्ता (अपराध) हैं जबकि मां गृहणी हैं। शुभांगी तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं और पिता के साथ पूरे परिवार की लाडली हैं। शुभांगी की एक बहन हर्षिता लखनऊ विवि से एमए अंग्रेजी की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि रशिता चंडीगढ़ में स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं।

इस मौके पर शुभांगी ने कहा कि उनके पिता उनके आदर्श हैं, यह बात अलग है कि मैंने वकालत की बजाय जज बनने को प्राथमिकता दिया।

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