उत्तराखंड : चार दशक पुरानी है इनकी मांग, किसी ने नहीं सुनी

 

लालकुआंः बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाये जाने कि मांग को लेकर बिन्दुखता के लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सांकेतिक उपवास रखा। शहीद स्मारक पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन करते हुए उपवास सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।

लोगों का आरोप है कि बीते चार दशकों से राजस्व गांव की मांग करने वाली बिंदुखत्ता की जनता से पिछले विधनसभा चुनावों में भाजपा नेताओं ने राजस्व गांव बनाने का वादा किया था, लेकिन साढ़े तीन साल से अधिक समय बीतने के बाद भी सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक और राज्य सरकार ने बिंदुखत्ता राजस्व गांव के सवाल पर कोई ठोस पहल नहीं कर रही है।

रज्जी बिष्ट ने कहा कि भाजपा सरकार का भेदभाव बिंदुखत्ता और अन्य खत्तावासियों के लिए साफ दिखाई दे रहा है। इसीको लेकर उनके व क्षेत्रवासियों द्वारा आज सांकेतिक उपवास दिया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद बिन्दुखता वासियों द्वारा तहसील कार्यालय में उपवास किया जाएगा। चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सरकार द्वारा बिन्दूखत्ता राजस्व गांव प्रक्रिया शुरू नहीं कि गई तो, क्षेत्रवासियों उग्र आंदोलन करंगे।

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