
देहरादून : उत्तराखंड सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच में परिसंपत्ति बंटवारे को लेकर समझौता होने का सीएम धामी ने दावा किया है लेकिन इस पर कांग्रेस भाजपा सरकार पर हमलावर हो गई है। एक ओर सरकार 21 साल बाद बड़े मामले को सुलझाने का दावा कर रही है तो वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सीएम धामी सत्ता की लालच में आकर केंद्र के इशारों पर ये कर रहे हैं। कांग्रेस ने सरकार पर उत्तराखंड को बेचकर आने का आरोप लगया है। कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने यूपी के मुख्यमंत्री के आगे समर्पण कर दिया।वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लगातार परिसंपत्ति के बंटवारे को लेकर सवाल खड़े करते आए हैं, जहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी परिसंपत्ति के बंटवारे में सरकार को फेल बता रहे हैं. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि परिसंपत्तियों के मामले से प्रदेश का हित जुड़ा हुआ है और वर्तमान सरकार प्रदेश के हितों के साथ ऐसे समझौते करके खिलवाड़ कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड का उत्तर प्रदेश के साथ हुए परिसंपत्तियों के समझौते के दिन को काला दिन बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस समझौते को पूरी तरह से खारिज करती है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के हितों के लिए उनका लखनऊ दौरा ऐतिहासिक रहा। परिसंपत्तियों के बंटवारे के एक-एक बिंदु पर सहमति बन गई है। हरीश रावत ने आरोप लगाते हुए कहा है मुख्यमंत्री ने यूपी के मुख्यमंत्री के आगे समर्पण कर दिया। कांग्रेस इस मसले को लेकर राजभवन और सुप्रीम कोर्ट जाएगी। उन्होंने कहा कि परिसंपत्तियों के मसले पर भाजपा सरकार में दो बार समझौते हुए, लेकिन इसमें केवल शब्दों में उलटफेर और उत्तराखंड के साथ अंधेर हुआ।