
Uttarakhand Budget Session : विधानसभा सत्र का आज तीसरा दिन है. सदन की कार्यवाही शुरू हो गई है. धामी सरकार आज सदन में बजट पेश करेगी. जिस पर आम से खास हर किसी व्यक्ति की निगाहें टिकी हुई है. बता दें वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल दोपहर में 12:30 बजे बजट पेश करेंगे.
धामी सरकार का NAMO बजट
N नवाचार
A आत्मनिर्भर
M महान विरासत
O ओजस्वी
बजट के मुख्य बिंदु
इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और पूंजीगत परिव्यय में 14763 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है जो अब तक सर्वाधिक है
ग्रामीण रोजगार के लिए मत्स्य विभाग की ट्राउट परियोजना के लिए 146 करोड रुपए
यूआईआईडीबी को हरिद्वार ऋषिकेश विकास के लिए 168.33 करोड रुपए का प्रावधान
स्टार्टअप वेंचर फंड 20 करोड़रुपए
प्रवासी उत्तराखंड परिषद एक करोड़ रुपए
स्मार्ट सिटी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के संचालन के लिए 6.5 करोड़
समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के लिए 30 करोड़ रुपए
स्प्रिंग एंड रिजुवनेशन के लिए 125 करोड रुपए का प्रावधान
भारतीय न्याय संहिता के लिए 20 करोड़
जलवायु परिवर्तन शमन हेतु 60 करोड रुपए
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के लिए 178.83 करोड़ रुपए
9 वीं से 12वीं तक की विद्यार्थियों के निशुल्क पार्टी पुस्तक के लिए 59.41 करोड़
कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों के निशुल्क जूते और बैग की व्यवस्था के लिए 23 करोड़
साइंस सिटी और विज्ञान केंद्रों की स्थापना के लिए 26.64 करोड़
उदयमान खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति के लिए 10 करोड़
खेल महाकुंभ के लिए 15 करोड़
रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर के लिए 20 करोड़
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 21.60 करोड़
हाउस ऑफ़ हिमालय के लिए 15 करोड़
एप्पल मिशन योजना के लिए 35 करोड़
नंदा गौरा योजना के लिए 157.84 करोड़
कैम्पा योजना के लिए 395 करोड़
GYAN को समर्पित है ये बजट
G अर्थात गरीब कल्याण
Y अर्थात युवा
A अर्थात अन्नदाता
N अर्थात नारी
बजट की मुख्य घोषणाएं
कृषि योजनाओं में बढ़ोतरी ओर सहकारी बैंकों पर निगरानी
स्कूलों में संसाधनों में होगा सुधार, डिजिटल शिक्षा को दिया जाएगा बढ़ावा
चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए प्रति प्रक्रिया को तेज किया जाएगा
नई सड़कें, पुल, जल आपूर्ति परियोजनाएं
धार्मिक ओर एडवेंचर टूरिस्म को दिया जाएगा बढ़ावा
प्रमुख सेक्टरों में बजट आवंटन
स्वास्थ्य : 4,29,29 करोड़
शिक्षा एवं खेल : 11,90,91 करोड़
पुलिस और जेल : 3,00,37 करोड़
ग्रामीण विकास : 2,85,60 करोड़
ऊर्जा क्षेत्र : 1,65,97 करोड़
पर्यटन : 47,87 करोड़
सरकार ने पेश किया विकास का रोडमैप
वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री की ओर से प्रस्तित किया बजट 1,01,175.33 करोड़ का है, जिसमें बुनियादी ढांचे, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन में खास ध्यान दिया है.
वित्त मंत्री का भाषण जारी
विधानसभा में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बजट पेश करना शुरू कर दिया है. सदन में वित्त मंत्री का बजट भाषण जारी है. जिसमें राज्य की आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया जा रहा है.
बजट पेश करने से पहले सामने आया सीएम धामी का बयान
कुछ ही देर में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल सदन में बजट पेश करेंगे. बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री धामी का बयान सामने आया है. सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड के विकास को आधार बनाते हुए आज पेश होने वाले बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं. यह बजट राज्य के समग्र उत्थान में एक निर्णायक भूमिका निभाएगा और विकास को नई गति देगा.
विपक्ष ने उठाया लोन वितरण का मुद्दा
कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती ने सहकारी बैंकों द्वारा लोन की बंदरबांट के मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है जिससे उन्हें स्थानीय साहूकारों से ब्याज पर पैसा लेना पड़ रहा है. सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने जवाब देते हुए कहा कि गलत तरीके से लोन बांटने वालोंपर कार्रवाई की जा रही है. इस मामले में पहले ही SIT जांच के आदेश दिए जा चुके हैं.
कांग्रेस ने उठाया फीस एक्ट का मुद्दा
कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती ने फीस एक्ट का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में फीस निर्धारण न होने से अभिभावक परेशान हैं. जिसका शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने भी फीस एक्ट को लेकर कोई प्रावधान नहीं बनाया है. उन्होंने कहा कि यदि सभी विधायक सहमत होंगे तो सरकार फीस एक्ट पर विचार कर सकती हैं. लेकिन फिलहाल सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है. सदन चाहता है तो मिलकर फैसला लिया जा सकता है.
BJP विधायकों ने भी उठाया चिकित्सकों की कमी का मुद्दा
विपक्ष के साथ-साथ भाजपा विधायक भी इस बहस में शामिल हो गए. डोईवाला से भाजपा विधायक बृज भूषण गौरोला और अनिल नौटियाल ने भी डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया. गैरोला ने कहा कि जब अस्पताल को उपजिला चिकित्सा केंद्र घोषित किया गया है, बावजूद इसके वह पर्याप्त चिकिसक नहीं है. अनिल नौटियाल ने भी सिमली अस्पताल में चिकिसकों की कमी का मुद्दा उठाया.
स्वास्थ्य मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखा विपक्ष
स्वास्थ्य मंत्री के जवाब से कांग्रेस विधायक हरीश धामी संतुष्ट नहीं नजर आए. हरीश धामी ने सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है. जिस पर डॉ धन सिंह रावत ने विपक्ष को आश्वासन दिया कि अगले तीन साल में प्रदेश में शत-प्रतिशत स्पेसलिस्ट चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी जाएगी.
सदन में गरमाया स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा
सदन में तीसरे दिन स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा गर्मा गया. प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने प्रदेश में डॉक्टरों की कमी का मामला उठाया. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से पूछा कि आखिर कब तक जनता को इस समस्या से राहत मिलेगी. धन सिंह रावत ने जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश में 48 से 50 प्रतिशत स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी है. आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल 1896 पद स्वीकृत है. जिनमें से 1182 डॉक्टर कार्यरत है. इसके अलावा 716 संविदा बांडधारी डॉक्टर सेवाएं दे रहे है.