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उत्तराखंड : हेड कांस्टेबल गया ग्राहक बनकर, 4 लाख में किया 14 साल की लड़की का सौदा, फिर फंसे…

CHAMPAWAT POLICEचम्पावत। चम्पावत पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने अंतरराज्यीय महिला तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। तीन महिला तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ ही सेल ने एक नाबालिग बच्ची को भी बरामद किया है।

एसपी लोकेश्वर सिंह ने किया खुलासा

पुलिस कार्यालय में एसपी लोकेश्वर सिंह ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मंगलवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की प्रभारी मंजू पांडेय ने मुखबिर की सूचना पर तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि पांडेय को सूचना मिली थी कि राजकुमारी (50) पत्नि सुभाष गौतम निवासी खटीमा जनपद ऊधमसिंह नगर, कंचन मंडल (50) निवासी महाराजपुर किच्छा जनपद ऊधमसिंह नगर मूल निवासी बौंगा गाय घट्टा, 24 परगना, पश्चिम बंगाल एवं सोनम दुबे पत्नी स्वर्गीय उत्तम कुमार दुबे निवासी मीना बाजार थाना बनबसा जनपद चम्पावत लड़कियों से वेश्यावृत्ति कराने एवं शादी का झांसा देकर लोगों से ठगी करके पैसा कमाने के धंधे में लिप्त हैं। इस पर मंजू पांडेय व उनकी टीम ने रीड्स संस्था एवं मानव अधिकार कार्यकर्ता विनय शुक्ला के साथ गिरोह की धरकपड़ के लिए रणनीति बनाई।

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के हेड कांस्टेबल गए ग्राहक बनकर

वहीं इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के हेड कांस्टेबल रवि चंद्र जोशी व मानव अधिकार कार्यकर्ता विनय शुक्ला ग्राहक बनकर शादी के लिए लड़की की व्यवस्था करने को लेकर बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने अपने को दिल्ली का रहने वाला बताया। बातचीत के बाद आरोपी महिलाएं 4 लाख रुपये में लड़कियों की व्यवस्था करने को तैयार हो गईं।

हेड कांस्टेबल को किया फोन

मंगलवार को गिरोह की सदस्य राजकुमारी ने हेड कांस्टेबल रवि चंद्र जोशी को फोन कर बताया कि वे लड़की को लेकर टनकपुर आ रहे हैं। इस पर गिरोह की सदस्य राजकुमारी को पंचमुखी धर्मशाला में आने को कहा गया और पंचमुखी धर्मशाला टनकपुर में कमरा बुक कराया गया। पहली टीम में कांस्टेबल मुन्ना सिंह व मानवाधिकार कार्यकर्ता विनय शुक्ला द्वारा परिवार के सदस्य के रूप में पंचमुखी धर्मशाला में जाकर गिरोह के सदस्यों से मिलकर लेन-देन की बात तय की गई। कहा कि रकम के आधार पर अन्य कार्रवाई करेंगे।

14 वर्षीय किशोरी बरामद

इसी दौरान दूसरी टीम में सेल की प्रमुख मंजू पांडेय के नेतृत्व में पहुंची टीम ने राजकुमारी व उसके गिरोह की दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से एक 14 वर्षीय किशोरी को भी बरामद किया गया। जिसे रीड्स संस्था के सुपुर्द किया गया। तीनों के खिलाफ थाना टनकपुर में धारा 370(4)/363/366ए/ 420/120बी/ 34 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।

पूजा मौसी ने ऐसे फंसाया

पूछताछ में नाबालिग लड़की द्वारा बताया गया कि हम लोग चार बहनें व एक भाई हैं। मेरे पिताजी टुकटुक चलाते हैं तथा मम्मी लोगों के घरों में झाड़ू पोछा करती है। हम लोग रुद्रपुर में किराए के मकान में रहते हैं। लगभग 3 वर्ष पूर्व मेरे पड़ोस में रहने वाली एक महिला जिसे हम पूजा मौसी कहते थे, मुझे दुकान में काम करने व महीने के पांच हजार रुपये देने की बात कह कर मुझे गलत धंधे में भेजा। जब इस बात का पता मेरे पिता को चला कि पूजा मौसी गलत धंधा करवाती है तो मेरे पिता ने उसे भगा दिया था। इसके बाद एक टुकटुक वाला जिसका मैं नाम नहीं जानती हूं ने मुझे महाराजपुर किच्छा कंचन के पास लेकर जा कर छोड़ दिया गया, जो मुझे मेरी मां से ऑफिस में काम दिलाने और दस हजार रुपये महीने के दिलाने दिलाने की बात कहकर ले आई। उसने भी मुझे अलग-अलग आदमियों के पास सोने के लिए भेजा और आज शादी कराने के लिए यह कह कर लेकर आई थी कि लड़के के साथ शादी होने के बाद उसके घर जाना है और वहां पर जेवर बनवा लेना उसके बाद हम तुझे विदा करवा कर ले आएंगे फिर तू यहीं रहना उसके बाद मत जाना। मैंने शादी के लिए इसलिए हां कर दी कि शादी होने के बाद में वापस नहीं आऊंगी। उसी घर में रहूंगी और इनके जाल से मुक्ति पा लूंगी। मानव तस्करी करने वाले गिरोह की महिलाओं को गिरफ्तार करने वाली टीम में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल बनबसा की प्रभारी मंजू पांडेय, 2- कांस्टेबल गणेश बिष्ट, रवि जोशी, मुन्ना सिंह, सुभाष जोशी, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ कुमाऊं मंडल के अध्यक्ष विनय शुक्ला, रीड्स संस्था के प्रकाश आर्य, भावना चंद शामिल रहीं।

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