
देहरादून: विधानसभा सत्र आहूत होने के बाद कैबिनेट के फैसलों की ब्रीफिंग को लेकर सदन में हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन में सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा सत्र चल रहा है, तो कैबिनेट के फैसले अखबारों में कैसे छप सकते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर कैबिनेट के फैसले अखबारों में छप सकते हैं, तो पहले सदन को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी जानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भी कैबिनेट के निर्णय लीक होने को गंभीर बताया। कैबिनेट के निर्णय लीक होने पर संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक को लेकर सदन में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के निर्णय को लेकर सरकार ने कोई ब्रीफिंग नहीं की है। अखबार का संज्ञान सदन के अंदर नहीं लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अखबार में जो निर्णय छपे हैं, वह आधे अधूरे हैं। कैबिनेट ने जो निर्णय लिए वह पूरे कहीं नहीं छपे हैं। साथ ही कहा कि सूत्रों के हवाले से जो निर्णय छपे उनके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। सरकार संसदीय परंपराओं का पूरा ध्यान रख रही है।