Trendinghighlight

एडिमिशन की ऐसी सनक!, दिव्यांग कोटे के लिए युवक ने खुद ही काट लिया पैर

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में युवक ने ऐसा कारनामा किया जिससे आप भी हैरान रह जाएंगे। एक डिग्री पाने की होड़ में इंसान इस हद तक अंधा हो सकता है कि वो खुद ही का दुश्मन बन जाए। यहां MBBS में एडिमिशन पाने के लिए युवक की ऐसी सनक देखने को मिली जिसके चलते उसने खुद को ही अपंग बना लिया। इसके साथ ही पुलिस को गुमराह करने के लिए एक खौफनाक साजिश भी रची। लेकिन उसकी ये साजिश ज्यादा देर तक छिपी नहीं रही।

एडिमिशन की ऐसी सनक!, दिव्यांग कोटे के लिए युवक ने खुद ही काट लिया पैर

दरअसल ये पूरा मामला लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव का है। जहां जौनपुर पुलिस ने एक अजीबो-गरीब मामले का पर्दाफाश किया है। यहां पर खलीलपुर के रहने वाले सूरज भास्कर ने पुलिस को सूचित किया कि देर रात कुछ बदमाशों ने घुसकर उनको बेरहमी से पीटा। ना सिर्फ पीटा बल्कि बेहोश कर उसके एक पैर का पंजा भी काटकर चले गए। जिसने भी ये सुना वो दंग रह गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

रची खौफनाक साजिश

पुलिस द्वारा जब गहराई से छानबीन की गई तो पूरी कहानी पलट गई। सूरज के मोबाइल फोन की जांच में उसकी प्रेमिका का नंबर मिला। युवती से पूछताछ करने पर पुलिस को शक हुआ।

जांच के दौरान ही पुलिस को सूरज की एक डायरी मिली। जिसमें कई सारी बातें लिखी हुई थीं। डायरी में लिखा था कि “2026 में मैं MBBS बनकर रहूंगा।” जांच में सामने आया कि सूरज मेडिकल की पढ़ाई कर चुका था। लेकिन वो दो बार MBBS में असफल हुआ। जिससे वो मानसिक तनाव से जूझ रहा था।

पुलिस ने प्लान किया फ्लॉप

इसी के चलते MBBS में दिव्यांग कोटे के तहत एडिमिशन पाने के लिए उसने एक खौफनाक प्लान बनाया। उसने खुद को दिव्यांग साबित करने के लिए खुद ही अपने पैर को काट लिया। जिसके बाद इस घटना को बदमाशों की वारदात दिखाने की कोशिश की। उसने पूरी कहानी गढ़ी। हालांकि उसकी ये कहानी ज्यादा देर पुलिस के सामने टिक नहीं पाई।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
Back to top button