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‘बुल्ली बाई’ एप पर मचा बवाल, जानें क्या है ये पूरा मामला

'Bulli Bai' app

‘बुल्ली बाई’ नाम का एप सामने आते ही बवाल मच गया। इस मामले में सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। अब राजनीति मुद्दा भी बन गया है। कहा जा रहा है कि इस एप के जरिए मुस्लिम महिलाओं को अपमान किया गया है। बिना अनुमति के मुस्लिम महिलाओं की फोटो अपलोड की गई हैं। साथ ही उनकी फोटो के साथ प्राइस टैग लगाकर डील ऑफ द डे लिखा गया है।

ये है बुल्ली बाई एप
बुल्ली बाई गिटहब प्लेटफॉर्म पर मौजूद है। एक सोशल मीडिया यूजर के मुताबिक जैसे ही आप इसे खोलते हैं, सामने एक मुस्लिम महिला का चेहरा आता है, जिसे बुल्ली बाई नाम दिया गया है। ट्विटर पर मजबूत प्रजेंस वाली मुस्लिम महिलाओं का नाम इसमें इस्तेमाल किया गया है। उसकी तस्वीर को बुल्ली बाई के तौर पर प्रदर्शित किया गया है। सिर्फ इतना ही नहीं, ऐसे ही नाम वाले एक ट्विटर हैंडल से इसे प्रमोट भी किया जा रहा है। इस ट्विटर हैंडल पर खाली सपोर्टर की फोटो लगी है और लिखा है कि इस एप के जरिए मुस्लिम महिलाओं को बुक किया जा सकता है।

गिटहब क्या है?
एक रिपोर्ट के मुताबिक गिटहब एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म है। यह यूजर्स को एप्स क्रिएट करने और उन्हें शेयर करने की सुविधा देता है। गिटहब पर कोई भी पर्सनल या एडमिनिस्ट्रेशन नाम से एप बना सकता है। इसके साथ ही आप गिटहब मार्केटप्लेस पर अपना एप शेयर करने के साथ बेच भी सकते हैं।

इससे पहले पिछले साल जनवरी में इससे मिलते-जुलते नाम वाला ‘सुल्ली डील्स’ एप भी विवादों में घिर गया था। इसे भी गिटहब पर ही बनाया गया था। इस एप पर भी मुस्लिम महिलाओं की फोटो उनके सोशल मीडिया अकाउंट से उठाकर अपलोड कर दी गई थीं। विवाद के बाद इस एप को हटा दिया गया था। बुल्ली बाई एप भी काफी हद तक सुल्ली बाई एक की तरह ही है।

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