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आपदा में बहा पुल अब तक नहीं बना, ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर दी उग्र प्रदर्शन की चेतावनी

थराली विधानसभा में बीते साल बरसात के सीजन में आई आपदा में थराली और सूना समेत अन्य गांवों को जोड़ने वाला पुल बह गया था। एक साल बीत जाने के बाद भी अब तक इस पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। जिस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण छह महीने से कर रहे पुल की मांग

बीते साल थराली विधानसभा में बरसात में आई आपदा में प्राणमति नदी के तेज उफान में थराली और सूना समेत अन्य गांवों को जोड़ने वाला मोटरपुल और झूलापुल बह गए। जिससे थराली और सूना गांव के लोगों को आवाजाही के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने आवाजाही के लिए यहां एक लकड़ी का अस्थायी पुल बना दिया। लेकिन इस से आवाजाही खतरे से खाली नहीं है। जिसके चलते ग्रामीण बीते छह महीने से मोटरपुल और वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में फिलहाल वैलिब्रिज की मांग कर रहे हैं।

जल्द से जल्द नए मोटरपुल और वैलिब्रिज बनाने की मांग

कई बार मांग करने के बाद ग्रामीणों के हाथ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं लग पाया है। जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर पुल निर्माण का जिम्मा सौंपते हुए इसे टाल रहे हैं। जिस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के विरोध में और नए पुल और वैलिब्रिज की मांग को लेकर कोटड़ीप से तहसील तक स्थानीय लोगों ने विशाल जुलूस निकाला। लोगों ने जल्द से जल्द नए मोटरपुल और वैलिब्रिज लगाने को लेकर सरकार से मांग की है।

अपनी मांगों को लेकर की नारेबाजी

जुलूस में स्कूली बच्चों से लेकर महिलाओं ने भी भाग लिया। युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी ने जुलूस निकालते हुए एक बार फिर से अपनी मांगें दोहराई और मांगों को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद सभी ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां से उन्होंने जिलाधिकारी चमोली को ज्ञापन भेजते हुए 20 जनवरी तक नए पुल का निर्माण कार्य शुए करने की मांग की है। ग्रामीणों ने ऐसा ना करने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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