टिहरी में बढ़ा भालू और गुलदार का आतंक: 1 घायल, 68 मवेशियों का शिकार

टिहरी में जंगली जानवरों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। भिलंगना और बालगंगा रेंज में भालू और गुलदार के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत गहराती जा रही है। पिछले साल जहां गुलदार ने इंसानों पर हमला कर कई जानें ली थीं, वहीं इस साल भालू के हमलों ने मवेशियों पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। हालात ये हैं कि शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसरने लगता है।
टिहरी में बढ़ा भालू और गुलदार का आतंक
समाजसेवी जितेन्द्र सिंह कठैत ने बताया कि वन विभाग की टीम दिन में जागरूकता अभियान और रात में गश्त के जरिए हालात संभालने की कोशिश कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि रेंज स्तर के अधिकारियों के पास पर्याप्त विशेष अधिकार न होने से कई बार त्वरित कार्रवाई में अड़चनें आती हैं।
भिलंगना में भालू ने 4 और गुलदार ने 27 मवेशियों का किया शिकार
भिलंगना वन क्षेत्राधिकारी शिवप्रसाद गैरोला के अनुसार, अप्रैल 2025 से अब तक भालू 4 मवेशियों को और गुलदार 27 मवेशियों को मार चुका है। लगातार बढ़ती घटनाओं के चलते हिंदाव और ग्यारह गांव पट्टी में विशेष गश्त दल तैनात कर दिए गए हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने और वनक्षेत्र में अकेले न जाने की अपील भी की है।
बालगंगा रेंज में 1 व्यक्ति घायल
बालगंगा रेंज के डिप्टी रेंजर सुमेर चंद रमोला ने जानकारी दी कि अप्रैल से अब तक भालू एक व्यक्ति को घायल कर चुका है और 7 मवेशियों को मार चुका है। इसी अवधि में गुलदार 30 मवेशियों का शिकार कर चुका है। बासर क्षेत्र में पिछले दिनों से भालू की दहशत और अधिक बढ़ने से ग्रामीण चिंतित हैं।
ग्रामीणों ने की नुकसान के त्वरित मुआवजा की मांग
वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप चौहान के निर्देशन में विभागीय टीमें लगातार गांवों में जाकर लोगों को सतर्क कर रही हैं और रात में गश्त भी मजबूत की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों पर अंकुश लगे, नुकसान का त्वरित मुआवजा दिया जाए, और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के लिए खास कदम उठाए जाएं।