
श्रीनगर गढ़वाल : उत्तराखंड सदन में भारी हंगामे के बीच श्राइन बोर्ड प्रबंधन विधेयक नए नाम से पास किया गया था जिसके बाद तीर्थपुरोहितों का विरोध जारी है. श्राइन बोर्ड को देवस्थानम विधेयक नाम दिया गया था जिसके विरोध में तीर्थ पुरोहित व पंडा समाज ने श्रीनगर में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी इस प्रदर्शन में शामिल रहे।
इस बोर्ड से परम्परा और हक-हकूकों का हनन- तीर्थपुरोहित
बता दें कि नगर क्षेत्र के विभिन्न मार्गो से होते हुए आक्रोशित तीर्थ पुरोहित एवं हक हकूकधारी रामलीला मैदान पहुंचे। जहां एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता व अन्य दलों के नेता भी जनसभा में मौजूद रहे। इस दौरान विरोध कर रहे तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि इस बोर्ड से परम्परा और हक-हकूकों का हनन हो रहा है इसलिए सरकार को ये फैसला वापस लेना होगा।
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने सदन में भी विधेयक का विरोध किया था लेकिन सरकार के कानों में जू तक नहीं रेंगी, लिहाजा अब कांग्रेस सडकों पर भी देवस्थानम बोर्ड का विरोध कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर कांग्रेस जेल जाने को भी तैयार हैं। उन्होनें कहा कि 2022 में जब कांग्रेस की सरकार आयेगी तो इस काले कानून को वापस लिया जायेगा।