Haridwar

सुबोध उनियाल बोले : कोरोना जांच में फर्जीवाड़ा कुंभ की अधिसूचना लागू होने से पहले हुआ

corona testing scam

 हरिद्वार में कुंभ में कोरोना जांच घोटाले मामले में सीएम तीरथ सिंह रावत और त्रिवेंद्र रावत के बाद प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का बयान सामने आया है। सुबोध उनियाल ने बुधवार को मीडिया को दिए बयान में कहा कि कोरोना जांच में फर्जीवाड़ा कुंभ की अधिसूचना लागू होने से पहले हुआ।कोरोना जांच रिपोर्ट में जो फर्जीवाड़ा हुआ, वह इससे पहले का है। अधिसूचना से पहले ही हरिद्वार में कोरोना जांच के मद्देनजर विभिन्न फर्मों को काम सौंपा गया था। उनसे पहले मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी इस बात को कह चुके हैं कि यह फर्जीवाड़ा उनके कार्यकाल से पहले का है।

आपको बता दें कि महाकुंभ के दौरान कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते कहर को देखते हुए सरकार ने सभी श्रद्धालुओं के लिए आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य किया था। साथ ही हरिद्वार की सीमा पर भी कोरोना की आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच की व्यवस्था की गई। इसके लिए 9 लैब को अधिकृत किया गया। इसमें मैक्स कारपोरेट सॢवसेज ने हिसार की नलवा लैब और दिल्ली की लालचंदानी लैब के जरिये ये काम किया। इन्होंने हरिद्वार के पांच स्थानों पर सैंपलिंग की। जांच में फर्जीवाड़े की बात तब सामने आई, तब फरीदकोट के एक व्यक्ति के मोबाइल पर बिना जांच किए ही जांच कराने संबंधी मैसेज आया। उसने इसकी शिकायत इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) से की। आइसीएमआर के पत्र पर स्वास्थ्य विभाग ने इसकी प्रारंभिक जांच कराई। इसमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई। इस पर सरकार के आदेश पर जिलाधिकारी हरिद्वार ने मैक्स कारपोरेट सर्विसेज के साथ ही हिसार की नलवा लैब और दिल्ली की लालचंदानी लैब पर मुकदमा दर्ज कर दिया। अब इसकी एसआइटी से जांच कराई जा रही है। वहीं, विपक्ष इस मामले में प्रदेश सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर तेवर अख्तियार किए हुए है।

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