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बेटा बना नरभक्षक…मां के अंगों को फ्राई कर नमक-मिर्च लगाकर खाया, दरिंदे की करतूत सुन कांप जाएगी रूह

महाराष्ट्र (Maharashtra) से एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। शराब के लिए बेटा नरभक्षक बन गया। बेटे ने मां से शराब के लिए पैसे मांगे। जब मां ने पैसे देने से इंकार कर दिया तो बड़ी ही बेरहमी से उसने उसकी हत्या कर दी। हत्या से भी जब बेटे का मन नहीं भरा तो उसने अपनी मां के टुकड़े-टुकड़े कर उसके शरीर के अंगों को बाहर निकाल दिया। चलिए विस्तार से जानते है पूरा मामला आखिर है क्या?

मां के अंगों को नमक-मिर्च लगाकर खाया

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक 35 वर्षीय सुनील कुचकोरवी ने अपनी 63 वर्षीय मां यल्लामा की बड़ी ही क्रूरता से हत्या कर दी। जिसने भी ये मामला सुना उसे पैरों तले जमीन खिसक गई। मां की हत्या करने के बाद उसने शरीर के चाकू से टुकड़े करने शुरू किए।

सिक मानसिकता के इस बेटे ने एक-एक कर अपनी मां के शरीर से दिमाग, दिल, लिवर और किडनी को बाहर निकाला। जिसके बाद उसे तवे पर फ्राई किया। जब ये सब करके भी उसके पेट नहीं भरा तब उसने तवे पर सिके मां के अंगों को नमक मिर्च लगाकर खाना शुरू कर दिया।

खून से लतपथ था बेटा

पड़ोसी भी इस भयावह दृश्य को देख चौक गए। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस जब बेटे को गिरफ्तार करने पहुंची तो उसके मुंह में खून लगा हुआ था। ये देखकर वहां मौजूद हर किसी की रूह कांप गई। मां की हत्या और विभत्सता का ये मामला सात साल पुराना है। जिसके लिए साल 2021 में कोल्हापुर की अदालत ने बेटे को मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ सुनील ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की थी।

कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

जिसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने तीन साल बाद इस केस को ‘दुर्लभतम में दुर्लभ मामला मानते हुए मौत की सजा को सही माना है। कोर्ट ने कहा की सुनील की बर्बरता और नरभक्षण का ये मामला इतना गंभीर है कि उसमें कोई सुधार नहीं किया जा सकता। उसे उम्रकैद की सजा देना समाज के लिए खतरनाक है। जिसके चलते मौत की सजा को सही कहा गया।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
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