
देहरादून: जी हां ये एकदम सही है। वर्चुअल क्लास के जरिए अब देहरादून में बैठकर शिक्षक पिथौरागढ़ के बच्चों को पढ़ा रहे हैं। पिथौरागढ़ की दूरी देहरादून से करीब पांच सौ किलोमीटर है। केंद्र के सहयोग से उत्तराखंड में इस तरह की क्लास शुरू की गई है। उत्तराखंड ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य माना जा रहा है। यह प्रोजेक्ट शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम की पहल पर सरकार ने शुरू कराया, जिसको लेकर शिक्षक और छात्रों में खासा उत्साह नजर आ रहा है।
300 स्कूलों में काम शुरू
इस परियोजना के तहत, लगभग 300 सरकारी स्कूलों को देहरादून के राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के परिसर में स्थापित चार केंद्रीय स्टूडियो से जोड़ा गया है। प्रत्येक स्टूडियो में दो कैमरे, एक वॉल पेपर, आउटपुट के लिए एक स्मार्ट टीवी, तकनीकी दो कंप्यूटर और दूरदराज के क्षेत्रों में स्कूलों में स्थापित वर्चुअल क्लासरूम पर नजर रखते हैं। प्रत्येक स्टूडियो में दो माइक्रोफोन भी होते हैं। प्रत्येक दिन, कक्षा के लिए विषय वॉलपेपर पर लिखे जाते हैं, जबकि संबंधित शिक्षक विषय के बारे में छात्रों को बताता है।
जल्द जुड़ेंग 500 स्कूल
स्कूलों की कक्षा में एक एलईडी स्क्रीन के साथ एक माइक्रोफोन और एक स्पीकर के साथ एक कैमरा लगाया गया है। छात्र स्क्रीन देखते हैं और शिक्षक स्टूडियो में उसकी स्क्रीन पर जो कुछ भी लिखते हैं उसे सुनते और देखते हैं। वहीं बैठकर वो अपने टीचर से सवाल भी पूछ सकते हैं। राज्य सरकार ने प्रदेशभर के करीब 500 स्कूलों में वर्जुअल क्लास शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
केंद्र सरकार दे रही 90 प्रतिशत खर्च
केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए राज्य सरकार को 90 प्रतिशत भुगतान कर रही है। जबकि शेष 10 प्रतिशत राज्य सरकार को देना है। इससे माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 वीं तक पढ़ने वाले लगभग 1.90 लाख छात्र इन आभासी कक्षा सुविधाओं से लाभान्वित होंगे। अधिकारियों के अनुसार, वर्चुअल कक्षाओं से जुड़े होने के लिए चुने गए स्कूलों में पौड़ी जिले में 82, नैनीताल जिले में 61, अल्मोड़ा और टिहरी में 52, देहरादून में 46, चमोली में 45, पिथौरागढ़ में 40, रुद्रप्रयाग में 21, 15 चंपावत में और 10-10 बागेश्वर और हरिद्वार जिलों में इंस्टाल की जाएंगी।
विशेषज्ञ शिक्षक दे रहे क्लास
शिक्षा विभाग में अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक डॉ.मुकुल कुमार सती ने कहा कि देहरादून में चार स्टूडियो स्थापित करने के लिए सेंटर्स टेलीकॉम कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) के साथ एक समझौता किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, वर्चुअल क्लासरूम प्रोजेक्ट उन स्कूलों के लिए मददगार होगा, जहां गणित, भौतिकी, रसायन और अंग्रेजी जैसे किसी विशेष विषय के विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इन स्कूलों में वर्चुअल कक्षाओं के माध्यम से विशेषज्ञ शिक्षकों से कक्षाएं मिलेंगी।
मेडिकल और इंजीनियरिंग की कक्षाएं भी
शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि जल्द इन्हीं वर्जुअल क्लासों के जरिये छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग की कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि कक्षाएं 23 दिसंबर से शुरू होंगी। मेडीकल और इंजीनियरिंग के छात्रों को तैयारी में काफी मदद मिलेगी। तैयारी के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों के साथ अन्य विषय विशषज्ञों को तैनात किया जाएगा।