Share Market Crash: शेयर मार्केट क्रैश!, इतने अंक से लुढ़का, डूबे 5 लाख करोड़

Share Market Crash Today: भारतीय शेयर मार्केट का आज मूड बिगड़ा हुआ है। शेयर बाजार क्रैश हो गया है। वॉल स्ट्रीट में टेक शेयरों की बिकवाली और दक्षिण कोरियाई बाजार में बड़ी गिरावट का असर भारत के शेयर बाजार में भी दिखा है। इतना कि आज बीएसई सेंसेक्स लगभग 600-700 अंक तक टूट गया है। तो वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 23900 तक फिसल गया है।
भरभराकर गिरा एशियाई बाजार Share Market Crash Today
आज दक्षिण कोरियाई बाजार में गिरावट देखने को मिली। यहां के प्रमुख इंडेक्स कोस्पी (KOSPI) में लगभग 10 परसेंट तक की गिरावट देखने को मिली। इसी गिरावट की वजह से वहां के शेयर बाजार में ट्रेडिंग 20 मिनट तक रोकी गई।
अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट
दरअसल आज ग्लोबल मार्केट का सेंटिमेंट बिगड़ा हुआ है। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिकी शेयर बाजार (Wall Street) में Alphabet और SpaceX जैसी बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है। यहीं वजह है कि AI और टेक कंपनियों के महंगे वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों ने बाजार में बिकवाली शुरू कर दी।
दक्षिण कोरियाई बाजार में भी बिकवाली
दक्षिण कोरियाई बाजार की बात करें तो SK Hynix के शेयरों में 11% से अधिक की गिरावट आई है। तो वहीं Samsung Electronics भी 8% से ज्यादा टूटा है। इन दो बड़ी सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी गिरावट के चलते बाजार का बैलेंस बिगड़ गया।
इस साल दक्षिण कोरियाई बाजार ने बनाए कई रिकॉर्ड
ईरान की जंग और वैश्विक अनिश्चितताओं के बाद भी दक्षिण कोरियाई मार्केट ने अपने ऑल-टाइम रिकॉर्ड हाई लेवल पर कारोबार किया। एआई और चिप्स की बड़ी डिमांड के चलते इंडेक्स में करीब 80-90% तक का उछाल देखा गया। जिससे कंपनियों का वैल्यूएशन काफी महंगा हो गया था।
अब जब अमेरिकी शेयर बाजारों में आज गिरावट देखने को मिली। तो विदेशी निवेशकों ने यहां पर भी बिकवाली करनी शुरू कर दी। करीब 1.3 बिलियन डॉलर यानी कि 2 ट्रिलियन वॉन से अधिक के शेयरों की मुनाफावसूली की गई।
भारतीय शेयर बाजार की हालत बिगड़ी
एशियाई बाजार का संतुलन बिगड़ा, तो लिहाजा भारत के शेयर बाजार की हालत भी बिगड़ेगी। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियां जैसे Infosys, TCS, HCL Tech और Wipro में भारी गिरावट देखी गई।
डूबे 5 लाख करोड़
इसी के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे ज्यादा टूटा। इस गिरावट की वजह से करीब 4.57 लाख करोड़ से 5 लाख करोड़ रुपये निवेशकों के स्वाहा हो गए।