Dehradun

SDC फाउंडेशन ने उत्तराखंड वैक्सीनेशन मीटर का छठा संस्करण किया जारी, ये है टारगेट

Coeon vaccine in india

देहरादून : पर्याप्त मात्रा में कोविड-19 वैक्सीन की उपलब्धता के बीच राज्य ने इस साल के अंत 31 दिसंबर तक शत प्रतिशत टीकाकरण यानी हर व्यसक को दो टीके का लक्ष्य हासिल करने का रास्ता कुछ और तय किया है। पिछले 10 दिनों में राज्य में प्रतिदिन जरूरी एवरेज डोज की संख्या 63,686 से घटकर 61,815 डोज प्रतिदिन रह गई है। सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्यूनिटी फाउंडेशन ने शुक्रवार को उत्तराखंड वैक्सीनेशन मीटर का छठा संस्करण जारी किया। फाउंडेशन द्वारा प्रति 10 दिन में वैक्सीनेशन मीटर का अपडेट वर्जन जारी किया जाता है।

एसडीसी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने बताया कि पिछले 10 दिनों में एक बार फिर वैक्सीनेशन मीटर अच्छी प्रगति की तरफ इशारा कर रहा है। 10 दिन पहले यानी 24 अगस्त को जारी वैक्सीनेशन मीटर के अनुसार टारगेट पूरा करने के लिए प्रतिदिन 63,686 डोज की जरूरत थी। यह संख्या अगले 120 दिन के लिए घटकर प्रतिदिन 61,815 हो गई है। 14 जुलाई को जब वैक्सीनेशन का टारगेट पूरा करने के लिए 170 दिन बाकी थे तो प्रतिदिन औसतन 65,192 डोज की जरूरत थी। 24 जुलाई को जब 160 दिन बाकी रह गये तो प्रतिदिन का टागरेट बढ़कर 66,157 हो गया। 3 अगस्त को 150 दिन बाकी रहे तो प्रतिदिन का टारगेट 66,257 था। 13 अगस्त को जब टारगेट पूरा करने के लिए 140 दिन बाकी थे तो प्रतिदिन वैक्सीन डोज का टारगेट 64,254 था।Coeon vaccine in india

 

अनूप नौटियाल के अनुसार राज्य में कोविड वैक्सीन की जरूरत वाले 18 से 44 वर्ष के लोगों की संख्या 49,34,239 और 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या 27,95,247 है। इसके अलावा राज्य में रजिस्टर्ड हेल्थ केयर वर्कर्स की संख्या 1,28,002 और फ्रंट लाइन वर्कर्स की संख्या 1,93,216 है। यानी कुल 80,50,684 लोगों का वैक्सीनेशन किया जाना है। हर व्यक्ति को दो डोज़ के हिसाब में राज्य में वैक्सीन की कुल 1,61,01,368 डोज़ दी जानी हैं। 2 सितंबर तक 66,02,595 लोगों को पहली और 20,81,022 लोगों को दोनों डोज वैक्सीन दी जा चुकी है। कुल मिलाकर अब तक 86,83,617 डोज वैक्सीन दी जा चुकी है। टारगेट पूरा करने के लिए अगले 120 दिन में राज्य में प्रतिदिन औसत 61,815 वैक्सीन डोज देनी होंगी।

अनूप नौटियाल ने कहा कि अब तक वैक्सीन की कमी के कारण यह अभियान तेजी नहीं पकड़ पा रहा था, लेकिन अब जबकि राज्य में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है तो ऐसे में वैक्सीनेशन की रफ्तार में और तेज़ी लाने की कोशिश होनी चाहिए । उनका कहना है कि 31 दिसंबर के टारगेट और दोनों डोज के बीच 12 हफ्ते की बाध्यता को देखते हुए सितम्बर महीने के आखिर तक सभी को पहली डोज देनी अनिवार्य है।

अनूप नौटियाल के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न माध्यमों से हरिद्वार और उधम सिंह नगर जनपदों मे वैक्सीनेशन के प्रति जनमानस को और जागरूक करने की जरूरत है । इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड नाटकों का मंचन जैसे आयोजन किये जा सकते हैं I स्थानीय कम्युनिटी लीडर्स के माध्यम से भी वैक्सीनेशन की स्थिति सुधारने के प्रयास हो सकते हैं I

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