Lokpal में जॉइंट सेक्रेटरी बनने की दौड़ में संजीव चतुर्वेदी, शासन ने दी हरी झंडी, लोकपाल करेगा फैसला

उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा IFS Sanjiv Chaturvedi को लोकपाल ऑफ इंडिया में संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी) पद पर प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य सरकार की मंजूरी मिल गई है। शासन ने इस संबंध में लोकपाल सचिवालय को औपचारिक सहमति भेज दी है।
IFS संजीव चतुर्वेदी कौन है?
IFS संजीव चतुर्वेदी अपने सख्त प्रशासनिक रवैये, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के मामलों पर मुखर रुख के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उनकी लोकपाल में संभावित नियुक्ति प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
लोकपाल ने निकाली थी भर्ती
लोकपाल ऑफ इंडिया ने 27 अप्रैल 2026 को संयुक्त सचिव स्तर के एक पद को प्रतिनियुक्ति अथवा अल्पकालिक अनुबंध के आधार पर भरने के लिए विज्ञापन जारी किया था। विज्ञापन के मुताबिक यह नियुक्ति शुरुआती तौर पर एक वर्ष के लिए होगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आगे बढ़ाया जा सकता है। इस पद के लिए समकक्ष स्तर के अधिकारियों से आवेदन मांगे गए थे। साथ ही कानून की डिग्री रखने वाले अधिकारियों को प्राथमिकता देने का भी प्रावधान रखा गया था।
संजीव चतुर्वेदी ने खुद किया था आवेदन
लोकपाल का विज्ञापन जारी होने के बाद संजीव चतुर्वेदी ने 26 मई 2026 को उत्तराखंड शासन को पत्र लिखकर अपना आवेदन नियमानुसार अग्रसारित करने का अनुरोध किया था। उन्होंने बताया था कि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित है। नियमानुसार आवेदन के साथ एनओसी, कैडर क्लीयरेंस, विजिलेंस क्लीयरेंस, एपीएआर और अन्य जरूरी दस्तावेज भी भेजे जाने थे।
पत्र में पुराने विवाद का भी किया जिक्र
संजीव चतुर्वेदी ने अपने पत्र में वर्ष 2020 के एक पुराने विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) से जुड़े एक मामले में उनके आवेदन के प्रेषण को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में न्यायालय तक पहुंच गया। इसी अनुभव का हवाला देते हुए उन्होंने शासन से इस बार आवेदन को तय समयसीमा के भीतर और नियमानुसार भेजने का अनुरोध किया था।
शासन ने दी हरी झंडी
13 जून 2026 को अपर सचिव हिमांशु खुराना की ओर से जारी पत्र में प्रमुख वन संरक्षक और संबंधित अधिकारियों की संस्तुति के आधार पर संजीव चतुर्वेदी के आवेदन पर राज्य सरकार की सहमति प्रदान की गई। पत्र में यह भी कहा गया है कि संबंधित अधिकारी सभी आवश्यक औपचारिकताएं और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें। राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब मामला लोकपाल सचिवालय के पास पहुंच चुका है। यहां प्राप्त सभी आवेदनों की जांच, पात्रता परीक्षण और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।