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Rishikesh वन भूमि विवाद पर एक्शन मोड पर नगर निगम, कल बैठक में लिए जाएंगे अहम प्रस्ताव

वन भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ऋषिकेश नगर निगम हरकत में आ गया है। इसी बीच मेयर और नगर आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई अहम जानकारी साझा की। बता दें कि 3 जनवरी को होने वाली बोर्ड बैठक में कई अहम प्रस्ताव पारित होने जाने रहें है।

ऋशिकेश वन भूमि विवाद पर एक्शन मोड पर नगर निगम

ऋषिकेश नगर निगम इलाके के अंतर्गत 12 वार्ड में वन विभाग की भूमि पर चल रहे विवाद को लेकर नगर निगम एक्शन मोड़ पर है। नगर निगम ने 3 जनवरी को बोर्ड बैठक बुलाकर इस संबंध में कई अहम प्रस्ताव पारित करने का निर्णय लिया है। प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजे जाएंगे। जिससे वन भूमि पर काबिज लोगों को राहत मिल सके।

5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सर्वे की रिपोर्ट होगी दाखिल

बता दें कि 5 जनवरी को वन विभाग की सर्वे की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होनी है। आज इस संबंध में महापौर शंभू पासवान और नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि नगर निगम सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर गंभीर है। वन विभाग की भूमि पर काबिज लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है।

3 जनवरी को होगी बोर्ड बैठक

जरूरत पड़ने पर नगर निगम भी पार्टी बन इन क्षेत्रों में दी जा रही सुविधाओं से संबंधित दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगा। नगर निगम का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वन भूमि पर काबिज लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए चल रहे विकास कार्यों पर भी असर पड़ा है।

किसी भी धोखाधड़ी से बचने की अपील

इसलिए ये विषय और ज्यादा गंभीर है। मेयर ने लोगों से मामले में भ्रामक खबरों से दूरी बनाने की भी अपील की है। साथ ही मेयर ने ये भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ने के लिए नगर निगम के नाम पर किसी को भी रकम ना दें। उन्होंने कहा कि नगर निगम के नाम पर यदि कोई रकम मांगता है तो यह आपके साथ धोखाधड़ी हो सकती है।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
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