
देहरादून : कई दिनों से केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के रावल जी के उत्तराखंड पहुंचे पर माहौल गरमाया हुआ था। 29 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 30 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने ने हैं ऐसे में रावल जी के लॉकडाउन के कारण यहां न पहुंचने पर विपक्ष समेत भगवान में आस्था रखने वाले लोगों ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। 200 साल पुरानी परंपरा को टूटता कोई नहीं देखना चाहता था। वहीं एक अच्छी खबर है। जी हां केदारनाथ धाम की कपाट पूजा के लिए रावल भीमाशंकर लिंग जी अपने सेवादारों के साथ उत्तराखंड पहुंच गए हैं।
जानकारी मिली है कि रविवार को ऊखीमठ पहुंचने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची औरउनका हाल जाना। वहीं इसके बाद रावल जी समेत उनके सभी पांच सेवादारों को अलग-अलग कमरे में होम क्वारंटीन कर दिया गया है।
आपको बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट को खुलने हैं। बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से धाम के लिए प्रस्थान करेगी। रावल भी डोली के साथ ही धाम के लिए रवाना होंगे।
पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने लोगों से घरों में रहने की अपील की साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील भी की। कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के रावलों के पहुंचने पर उनका कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। इसके बाद सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण और टेस्ट निगेटिव होने पर ही रावल पूजा में भाग ले पाएंगे।