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उत्तराखंड में दहन से पहले ही धड़ाम से गिरे रावण-कुंभकरण-मेघनाद के पुतले, अब आगे क्या?

उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में अफरा-तफरी का माहौल मन गया। अचानक से दहन के लिए खड़े किए गए रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले धड़ाम से नीचे गिर गए। दहन से पहले ही तीनों पुतले क्षतिग्रस्त हो गए। ऐसे में अब आयोजनों की तरफ से वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही जा रही है।

धड़ाम से गिरे रावण-कुंभकरण-मेघनाद के पुतले

बता दें कि आज देशभर में दशहरा के मौके पर रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। हर साल रुद्रपुर में भी रावण, कुंभकरण और मेघनाद का पुतला दहन किया जाता है। लेकिन इस बार मौसम ने इस कार्य पर अड़चन डाल दी। अचानक से रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पतले गिरने लगे।

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दरअसल गुरुवार की सुबह अचानक आई तेज हवा और बारिश के चलते गांधी पार्क में स्थापित रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतले धराशायी हो गए। अब शाम के कार्यक्रम के लिए आयोजक चिंतित है।

किसी का सिर टूटा तो किसी का पैर

हवा का झोंका ऐसा आया कि किसी का सिर टूटा, किसी का हाथ तो वहीं किसी पुतले का पैर। हालांकि अच्छी बात ये रही कि इन पुतलों के गिरने से कोई हादसा नहीं हुआ। बताते चलें कि इस बार इस बार रुद्रपुर में रावण के पुतले की लंबाई 65 फीट। तो वहीं मेघनाद और कुंभकरण के पुतले को 60-60 फीट लंबा बनाया गया था। हालांकि कहा जा रहा है कि दर्शकों को निराश नहीं किया जाएगा। आयोजकों की माने तो शाम तक कोई वैकल्पिक रास्ता ढ़ूढ़ा जाएगा।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
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