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मंगल भारी या शनि की साढ़ेसाती, प्रेमचंद अग्रवाल का विवादों से नाता, पढ़ें ये रिपोर्ट

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार विवाद ऋषिकेश में एक युवक के साथ मारपीट को लेकर सुर्खियों में आने से है। हालांकि कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद ने मारपी मामले में सफाई भी दी है।

प्रेमचंद अग्रवाल ने दी बवाल पर सफाई

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का कहना है कि जिस युवक ने उनके साथ मारपीट की है उस युवक को वो पहले से जानते हैं। वह युवक उनकी विधानसभा क्षेत्र का ही है। जो कई बार उनसे काम के सिलसिले में भी मिला है। लेकिन जिस तरीके से आज युवक द्वारा गुंडागर्दी की गई है। वह सही नहीं है।

बता दें कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल एक कार्यक्रम के दौरान शहर में निकल रहे थे। उस दौरान युवक की बाइक उनकी गाड़ी के बगल में जाम में लगने की वजह से खड़ी हो गई। जाम लगने की वजह से युवक सुरेंद्र सिंह नेगी मंत्री से गाली गलौज करने लगा। जिसके बाद उनके सुरक्षाकर्मी ने युवक को समझाने की कोशिश की। लेकिन युवक ने गाड़ी के शीशे खुले होने की वजह से मंत्री पर हमला कर दिया और उनका कुर्ता तक फाड़ दिया।

युवक ने भी उठाया था मंत्री पर हाथ

वीडियो में नजर आ रहा है कि कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद बेहद गुस्से में हैं। जिस वजह से वह युवक को पीटने का काम कर रहे हैं। लेकिन वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक के द्वारा भी कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पर थप्पड़ जड़ा गया। वायरल वीडियो में दिख रहे घटना क्रम से पहले जो कुछ हुआ उसको लेकर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का कहना है कि युवक के द्वारा पत्थर से भी उन पर हमला करने की कोशिश की गई।

कैबिनेट मंत्री पर मंगल भारी या शनि की साढ़ेसाती

बता दें दोनों पक्षों के बीच मामला अब बढ़ता जा रहा है, लेकिन सवाल यह उठ रहे है कि क्या कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पर आज मंगलवार भारी रहा है क्योंकि मंगलवार के दिन वह एक बार फिर उत्तराखंड के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इससे पहले शनि की साढ़ेसाती भी उन पर नजर आई थी। मामला विधानसभा में बैकडोर से हुई नियुक्तियों का है।

विधानसभा में बैकडोर से हुई नियुक्तियों को लेकर भाजपा कार्यालय में पत्रकारों द्वारा उनसे तीखे सवाल पूछे गए थे। उस समय कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष रहते हुए की गई नियुक्तियों को नियमों के तहत सही माना था। हालांकि बाद में विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने विधानसभा अध्यक्ष रहते हुए प्रेमचंद अग्रवाल के द्वारा की गई नियुक्तियों को निरस्त कर दिया था।

लेकिन इस पूरे प्रकरण में प्रेमचंद अग्रवाल पर शनि की साढ़ेसाती भारी नजर आई क्योंकि 27 अगस्त 2022 को शनिवार के दिन ही भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेमचंद अग्रवाल तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए गुस्से में सारे नियम कानून मीडिया कर्मियों को बताने लगे। लेकिन वही नियम कानून बाद में धराशाई रह गए। इसलिए यह भी चर्चा है कि क्या मंगलवार और शनिवार कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के लिए भारी पड़ रहे हैं।

इनपुट- मनीष डंगवाल

Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
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