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Uttarakhand Election : भाबर और तराई की जनता को साधने के लिए पीएम मोदी जरूरी, जानें क्यों ?

दो अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड आ रहे हैं। उधम सिंह नगर जिले के रूद्रपुर में पीएम मोदी रैली करेंगे। पीएम मोदी विधानसभा चुनावों में भी प्रचार के लिए रूद्रपुर आए थे। जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया था। इसके कई मायने लगाए जा रहा हैं। जहां एक ओर कुमाऊं की दोनों लोकसभा चुनावों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है वहीं भाबर और तराई के वोटरों के साधने के लिए भी ये जरूरी है।

कल रूद्रपुर आएंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी कल उत्तराखंड आएंगे। पीएम मोदी रूद्रपुर में मोदी मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे। उनके दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार को सीएम धामी भी रूद्रपुर पहुंचे थे। पीएम मोदी की ये जनसभा लोकसभा चुनावों के लिए बेहद ही अहम मानी जा रही है।

विस चुनाव प्रचार के लिए भी रूद्रपुर आए थे पीएम

बता दें कि पीएम मोदी विधानसभा चुनाव के दौरान भी प्रचार के लिए रूद्रपुर आए थे। पीएम मोदी की रूद्रपुर में होने जा रही इस जनसभा को बेहद ही खास इसलिए माना जा रहा है कि क्योंकि ये भाबर और तराई वाला इलाका है। यहां जातीय विविधता देखने को मिलती है। इसके साथ ही यहां ना केवल पहाड़ी बल्कि सिक्ख, मुस्लिम और बंगाली लोग भी रहते हैं। जिस कारण यहां वोट पाने के लिए प्रत्याशियों को खासी मेहनत करनी पड़ती है।

भाबर व तराई की जनता को साधने के लिए पीएम जरूरी

जहां एक ओर कुमाऊं में प्रचार के लिए फिलहाल कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा है केवल सीएम धामी ही कुमाऊं में प्रचार कर रहे हैं। जिसे इस से जोड़ कर देखा जा रहा है कि कुमाऊं में प्रचार की कमान सीएम धामी के हाथों ही है। जबकि गढ़वाल में भाजपा दिग्गज नेता पहुंच रहे हैं। हाल ही में गढ़वाल में स्मृति इरानी ने जनसभा की थी। कुमाऊं, गढ़वाल और जौनसार में तो पार्टी के नेता स्थानीय नेता धामी सरकार के काम गिनवा कर प्रचार कर रहे हैं।

लेकिन भाबर और तराई में लोगों का भरोसा जीतने के लिए भाजपा के लिए पीएम मोदी जरूरी है। जिसका प्रमुख कारण इस क्षेत्र की जातीय समीकरण है। खास बात ये है कि हल्‍द्वानी और रुद्रपुर नैनीताल लोकसभा सीट के अंदर दो ऐसे बड़े शहर हैं जो पलायन का प्रमुख अड्डा भी माने जाते हैं। पहाड़ी जिलों से मैदान में आकर बसने वालों की प्राथमिकता भी यही दो शहर हैं। ऐसे में उधम सिंह नगर में जातिगत व क्षेत्र के आधार पर वोटर भी मिश्रित है। जिन्हें साधना इतना आसान नहीं है। इसके साथ ही यहां पर मुस्लिम वोटरों की संख्या भी ज्यादा है।

यूपी की सीटों का भी माहौल भी चलता है पता

रूद्रपुर या उधम सिंह नगर ना केवल कुमाऊं के लिए बल्कि उत्तर प्रदेश के लिए भी बेहद ही महत्वपूर्ण है। यहां से रामपुर की सीटों के माहौल का भी पता चलता है और यहां के माहौल का सीधा असर उत्तर प्रदेश की सीटों पर भी पड़ता है। ये भी एक कारण है कि पीएम मोदी ना केवल विधानसभा चुनाव में बल्कि लोकसभा चुनाव में भी प्रचार के लिए आ रहे हैं।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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