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Photos: Delhi-NCR में भारी बारिश, जलभराव से तालाब बनी सड़के, लगा जाम, कई फ्लाइट्स रद्द

शनिवार की रात Delhi-NCR वालों के लिए गर्मी से राहत वाली रही। तेज़ हवाओं के साथ बारिश हुई जिसके चलते तापमान में गिरावट देखी गई। हालांकि बारिश ने गर्मी से राहत जरूर दी लेकिन सड़कें तालाब बन गई। जलभराव से जाम की स्थिति बन गई। जिससे कई फ्लाइट्स प्रभावित हो गई।

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Delhi-NCR में भारी बारिश

दिल्ली कैंट इलाके में एक अंडरपास पानी से इतना भर गया कि वहां एक मिनी बस और एक कार फंस गईं। सरिता विहार, धौला कुआं, एयरपोर्ट रोड, और आईटीओ जैसे इलाकों में भी सड़कों पर पानी ही पानी दिखा। कई जगह घंटों बाद तक भी पानी की निकासी नहीं हो पाई।

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रविवार को वीकेंड की वजह से ट्रैफिक तो कम था। लेकिन जहां जलभराव हुआ वहां फंसे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। धौला कुआं से गुरुग्राम जाने वाले रास्ते पर तो जाम की लाइन लग गई। गाड़ियों के पहिए पानी में घिसटते नज़र आए।

तेज आंधी ने पेड़ और बिजली के खंभे भी नहीं बख्शे। रोहिणी, पटपड़गंज, और लुटियंस दिल्ली में कई पेड़ धराशायी हो गए। रोहिणी में तो कुछ गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा। वहीं नानकपुरा अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो गया।

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दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स प्रभावित

सबसे ज्यादा असर दिल्ली एयरपोर्ट पर दिखा। सुबह-सुबह कई उड़ानों में देरी हुई। कुछ कैंसिल भी करनी पड़ीं। इंडिगो ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि खराब मौसम के चलते फ्लाइट्स का संचालन प्रभावित हुआ है। हालात सुधरने के बाद ही सब कुछ सामान्य हो पाएगा।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार रात 11:30 बजे से सुबह 5:30 बजे के बीच 81.2 मिमी बारिश हुई। इस दौरान हवा की रफ्तार 82 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची।

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जलभराव से तालाब बनी Delhi-NCR की सड़के

उधर बाहरी दिल्ली के बुराड़ी में एक बड़ा कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ। टेंट पूरी तरह उखड़ गया और आसपास पानी भरने से करंट का खतरा मंडराने लगा। लोग डरे हुए हैं। प्रशासन से पानी की निकासी की मांग कर रहे हैं।

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गुरुग्राम और एनसीआर के बाकी हिस्सों में भी हाल कुछ अलग नहीं रहा। तेज़ हवाएं, बारिश और बिजली कटौती ने लोगों की नींद उड़ा दी। कादीपुर, मानेसर, सोहना और पटौदी जैसे इलाकों में 40 से 81 मिमी तक बारिश दर्ज की गई।

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अब नौतपा भी शुरू हो चुका है। यानी गर्मी अपने चरम पर पहुंचने वाली है। लेकिन फिलहाल लोग ये उम्मीद कर रहे हैं कि अगर बारिश आई भी है तो कम से कम जलभराव और ट्रैफिक से उन्हें राहत मिले।

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