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गोद लिए गांव के लोगों ने किया चुनाव बहिष्कार तो सांसद बोलीं – ये उनकी आदत है

क्यारा गांव के लोगों ने चुनाव बहिष्कार किया है। ये वही गांव हैं जिस गांव को टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने गोद लिया है। 2014 में पीएम मोदी ने राष्ट्र निर्माण की दिशा में सांसद आदर्श ग्राम योजना की घोषणा की थी। इस योजना के बाद से सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में गांव को गोद लेते हैं और उस गांव में सभी बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने के साथ ही गांव के विकास पर काम करते हैं।

गोद लिए गांव के लोगों ने किया चुनाव बहिष्कार

टिहरी जिले के क्यारा गांव के लोगों ने चुनाव बहिष्कार किया है। जब क्यारा गांव को गोद लिया गया तो ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनके गांव का विकास होगा। लेकिन अब जब एक बार फिर से सांसद अपने क्षेत्र में वोट मांगने जा रहीं है तो उस से पहले क्यारा गांव के लोगों ने अनोखे तरीके से चुनाव बहिष्कार किया है।

कनस्तर बजाकर किया ऐलान

क्यारा गांव के ग्रामीणों ने कनस्तर बजाकर चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है। ग्रामीणों का कहना है कि रोड नहीं तो वोट नहीं। लोगों को सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह का बेसब्री से इंतजार है ताकि वो उनसे पूछ सकें कि उनकी रोड कहां है? क्यारा गांव के लोगों का कहना है कि उनके गांव को सांसद ने गोद तो लिया लेकिन कोई विकास नहीं किया।

गांव में मूलभूत सुविधाओं का है अभाव

क्यारा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में ना तो सड़क है और ना ही अन्य बुनियादी सुविधाएं हैं। गांव वालों का कहना है कि आज भी उन्हें खच्चर में बैठाकर बीमारों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना पड़ता है। लेकिन इसके बाद भी उनकी सुध लेने कोई भी नहीं पहुंचा।

लोगों का कहना है कि साल 2021 में सांसद ने उनके गांव को गोद तो लिया लेकिन उसके बाद उन्होंने दोबारा मुड़कर कभी भी इस गांव की ओर नहीं देखा। ना गांव में कोई काम हुआ और ना ही गांव के लिए कोई योजना आई।

लोगों की बात करने की ऐसी आदत ही है

जब इस बारे में सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह से सवाल किया गया कि क्यारा गांव के लोग काफी नाराज हैं तो उन्होंने इसका चौंकाने वाला जवाब दिया। उनका कहना है कि लोगों की बात करने की ऐसी आदत ही है। उन्होंने अपनी तरफ से जितना हो सकता था पूरा काम किया है। इसके बावजूद अगर कुछ शेष रह गया है तो वो आगे उसे पूरा करेंगी।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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