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निर्भया के दोषियों को सूली पर चढ़ाएगा ये जल्लाद, सजा-ए-मौत का ऐलान कभी भी

Breaking uttarakhand newsतिहाड़ जेल में बंद निर्भया के चारों दोषियों की फांसी की सजा का ऐलान कभी भी भी सकता है. दोषियों की दया याचिका पर अभी राष्ट्रपति की ओर से अंतिम फैसला तो नहीं आया है, लेकिन इसकी तैयारी जोर-शोर की जा रही है। खबर है कि चारों आरोपियों की मौत के दिन का ऐलान कभी भी हो सकता है। ऐसे में तिहाड़ जेल प्रशासन की तरफ से बिहार के बक्सर जेल की रस्सी से मेरठ के पवन जल्लाद से आरोपियों को फांसी दिए जाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। 07 दिन पहले सजा की तारीख से फांसी का फंदा जेल में पहुंचाया जाता है. उसके बाद कई बार ट्रायल किया जाता है. 10 फांसी के फंदे बक्सर के सेंट्रल जेल से तिहाड़ में निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए मंगाए गए हैं

यूपी कारागार सेवाओं के महानिदेशक आनंद कुमार के अनुसार य़ूपी में फिलहाल दो जल्लाद हैं। जिनमें एक इलियास लखनऊ और दूसरा पवन मेरठ से है। इलियास से संपर्क किया गया तो पता चला कि वह बीमार चल रहा है और उठने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में अब मेरठ का पवन जल्लाद ही है। डीजी ने बताया कि पवन जल्लाद से संपर्क किया जा रहा है। मेरठ जेल प्रशासन को लगातार उसके संपर्क में बने रहने के लिए कहा गया है।

जानकारी मिली है कि तिहाड़ जेल में जल्लाद नहीं है। दिल्ली सहित हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में भी जल्लाद नहीं है। पवन जल्लाद की तीन पीढ़ियों से फांसी देने का काम किया जा रहा है। इसलिए तिहाड़ प्रशासन ने उप्र कारागार से संपर्क किया है।

पवन के दादा ने दी थी पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के हत्यारों को फांसी

पवन जल्लाद मेरठ में रहता है। पहले उसके पिता मम्मू सिंह, दादा कल्लू सिंह और परदादा लक्ष्मण सिंह फांसी देते थे। पवन देश का एकमात्र ऐसा जल्लाद है जो अपने पुश्तैनी धंधे को संभाले हुए है। कल्लू सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों को फांसी दी थी।

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