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नैनीताल में अब भी धधक रहे जंगल, अब आग को बुझाने के लिए मोर्चे पर उतरी NDRF

प्रदेश में जंगलों की आग दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। आग पर काबू पाने के लिए सेना की मदद भी ली जा चुकी है लेकिन अब तक कई स्थानों पर आग नहीं बुझाई जा सकी है। नैनीताल समेत पूरे प्रदेश में जंगल की आग ने वन विभाग कर्मचारियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। बीते 24 घंटे में गढ़वाल से कुमाऊं तक आठ जगह जंगलों में आग की घटनाएं सामने आई हैं।

आग को बुझाने के लिए मोर्चे पर उतरी NDRF

प्रदेश में आग का तांडव जारी है। आलम ये है कि सेना के बाद अब आग बुझाने के लिए एनडीआरएफ की मदद ली जा रही है। अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा के अनुसार नैनीताल वन प्रभाग की बडोन और मनोरा रेंज में वन कर्मचारियों के साथ ही अब आग बुझाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को तैनात किया गया है।

24 घंटे में सामने आई आठ घटनाएं

रविवार को भी गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक जंगल धधकते रहे। प्रदेश में बीते 24 घंटे में आठ जगह जंगल धधके। वन विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक गढ़वाल में आग की दो घटनाएं, दो घटनाएं वन्य जीव क्षेत्र और चार घटनाएं कुमाऊं से सामने आईं हैं। रविवार को केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र में आग की दो घटनाओं में चार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वन संपदा को नुकसान हुआ है।

राज्य में अब तक वनाग्नि की 606 घटनाएं आईं सामने

आपको बता दें कि राज्य में अब तक जंगलों में आग की घटनाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। इस सीजन में आग की घटनाएं बढ़कर 606 हो गई हैं। जिसमें में 220 घटनाएं गढ़वाल से और 333 कुमाऊं मंडल से सामने आईं हैं। जबकि 53 घटनाएं वन्य जीव क्षेत्र की हैं। आग के कारण जिससे 735 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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