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नैनीताल : गांव के पंचायत भवन और स्कूल में नहीं रहना चाहते प्रवासी, ये है बड़ा कारण

Breaking uttarakhand newsहल्द्वानी : हल्द्वानी और लाल कुआं में लगातार प्रवासियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बीच शासन ने निर्देश जारी किए हैं कि प्रवासियों को ग्रामीण स्तर और पंचायत स्तर पर स्कूल के भवनों में क्वॉरेंटाइन किया जाए. लेकिन, कई जगहों पर ऐसा नहीं हो पा रहा है. इसका कारण यह है कि पंचायत स्तर पर पूरी सुविधाएं न होने के कारण सभी आने वाले प्रवासियों को होम क्वॉरेंटाइन करना मजबूरी हो गया है, जिस कारण कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है।

ग्राम स्तर के अधिकारियों की माने तो इन पंचायत भवनों में न तो सुविधाएं हैं न बिजली की सुविधाएं हैं ना ही शौचालय तक बने हुए हैं, जिस कारण मजबूरी मे ग्राम सभाओं के ग्राम प्रधानों को आने वाले बाहरी क्षेत्रों के प्रवासियों को मजबूरन उन्हीं के घरों में क्वॉरेंटाइन करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल का कहना है कि आने वाले प्रत्येक प्रवासी को फैसिलिटी क्वॉरेंटाइन होना आवश्यक है और जिन पंचायत क्षेत्रों में व्यवस्थाएं ठीक-ठाक नहीं है. वहां के सीडीओ व ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया जा चुका है. ग्राम स्तरों पर जहां सुविधाएं नहीं है, वहां पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिसके लिए एक विशेष बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

पंचायत प्रतिनिधियों का यह कहना है कि शासन ने आदेश तो जारी कर दिए परंतु पंचायत स्तर पर पंचायत भवनों की व्यवस्था ठीक नहीं है. यहां तक कि कई पंचायत भवनों में टॉयलेट और बिजली पानी इत्यादि की सुविधाएं तक नहीं है। यही हाल स्कूलों का भी है, ऐसे में बाहर से आने वाले सभी प्रवासी पंचायत भवनों व स्कूलों में ठहरने से मना कर रहे हैं. इस कारण मजबूरन होम क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है।

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