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उत्तराखंड में यहां मिला रहस्यमयी शिवलिंग, पहले निकला नाग फिर खुदाई में निकला पूरा मंदिर

उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से जाना जाता है। देवभूमि अपने मंदिरों और चमत्कारों के लिए जाना जाता है। अल्मोड़ा में खुदाई के दौरान रहस्यमयी शिवलिंग मिला है। खुदाई के दौरान पहले एक स्थान से नाग निकल आया। इसके बाद दोबारा यहां खुदाई की गई तो फिर एक शिवलिंग मिल गया। नाग निकलने के बाद शिवलिंग का मिलना चर्चाओं का विषय बना हुआ है। लोग इसे भगवान भोलेनाथ का चमत्कार मान रहे हैं।

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में मिला रहस्यमयी शिवलिंग

अल्मोड़ा में जागेश्वर धाम के पास स्थित कोटेश्वर गांव में खुदाई के दौरान शिवलिंग मिला है। शिवलिंग मिलने से ज्यादा इसके मिलने के तरीके से लोग हैरान हैं। मिली जानकारी के मुताबिक कोटेश्वर गांव में हरुजाग के पास दीवार निर्माण का काम चल रहा है। इस दौरान खुदाई करते समय अचानक यहां से एक नाग निकल आया।

नाग निकलने से मजदूर डर गए और वहां से भाग गए। उन्होंने वहां पर काम ही रोक दिया। लेकिन अगले दिन जब दोबारा से काम शुरू किया गया तो उसी स्थान से एक विशालकाय शिवलिंग उभरकर सामने आया। थोड़ी और खुदाई करने पर वहां पर एक मंदिर भी मिल गया।

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शिवलिंग के साथ मंदिर मिलने से लोग चौंके

बताया जा रहा है कि स्थानीय युवाओं ने जब वहां एक शिवलिंग देखा तो वो चौंक पड़े क्योंकि एक साथ दो शिवलिंग उन्हें मिले। पहले नाग निकलना फिर शिवलिंग और मंदिर के मिलने को लोग चमत्कार मान रहे हैं। स्थानीय लोग वहां पूजा कर रहे हैं। जानकारी मिलने पर पुरातत्वविद भी मौके पर पहुंचे। पुरातत्वविदों का कहना है कि ये शिवलिंग हजारों साल पुराना हो सकता है।

जागेश्वर धाम से गांव का है सीधा संबंध

आपको बता दें कि जिस गांव में शिवलिंग मिला है इसका सीधा संबंध जागेश्वर धाम से बताया जाता है। कोटेश्वर गांव से ही डेढ़ हजार साल पहले जागेश्वर मंदिर के निर्माण के लिए पत्थर लाए गए थे। बताया जाता है कि कोटेश्वर में नदी किनारे कोटलिंग नामक एक रहस्यमयी स्थान है। यहां की जमीन से प्राचीन शिवलिंग निकलते हैं।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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