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मेलाघाट जगबूड़ा नदी फिर उफान पर, ग्रामीणों में बना भय का माहौल

खटीमा भारत नेपाल सीमा स्थित मेलाघाट में बहने वाली जगबूड़ा नदी लगातार हो रही बारिश के चलते फिर से उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव में पानी भर गया है। जलभराव होने से लोगों में भय का माहौल है।

मेलाघाट जगबूड़ा नदी फिर उफान पर

मेलाघाट जगबूड़ा नदी एक बार फिर से उफान पर आ गई है। शुक्रवार को नदी के दुबारा उफान पर आने से सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है। इसके साथ ही तेज बहाव के कारण भू-कटाव भी शुरू हो गया है। ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि अगर बारिश नहीं रुकी तो फिर बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं। लोगों के घरों में पानी घुस जाएगा और खेतों में खड़ी फसलें भी चौपट हो जाएंगी।

जुलाई में भी नदी का जलस्तर बढ़ने से हो गए थे बाढ़ जैसे हालात

बता दें कि आठ और नौ जुलाई को आई आपदा मे नदी उफान पर आ गई थी। जुलाई में भी बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए थे। जिसमें ग्रामीणों का फसलों से लेकर घर के समान तक का भारी नुकसान हुआ था। ग्रामीण फूलचंद गौतम ने बताया कि पिछली आपदा से भी ग्रामीणों का काफी नुकसान हुआ था। फसलें बुरी तरह चौपट हो गई थी और फसलों पर सिल्ट चढ़ जाने से सारी फसलें बर्बाद हो गई थी। लोगों का कहना है कि नुकसान की भरपाई उन्हें अब तक नहीं मिल पाई है।

ग्रामीणों ने सरकार से की ये मांग

ग्रामीणों का कहना है कि इस बार भी भारी बारिश के चलते जगबूड़ा नदी उफान पर है। कृषि भूमि का कटाव जारी है, घरों में पानी घुस गया है। अगर बारिश बंद नहीं हुई तो बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि कई बार शासन-प्रशासन से मांग की जा चुकी है कि नदी में जमा सिल्ट की सफाई कराई जाए और नदी पर तटबंध को मजबूत किया जाए।

नदी का रुख जो वर्तमान में बदला हुआ है इसको पहले की भांति किया जाए। लेकिन हमारी मांगों को शासन प्रशासन द्वारा ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर इन मांगों को का समाधान कर दें तो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गांवों का जगबूड़ा नदी से होने वाला खतरा कम हो सकता है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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