
किसी भी देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए उस देश की खुफिया एजेंसी अहम भूमिका निभाती है। आज दुनिया में कई ऐसी खुफिया एजेंसी है जो देश के विकास और सुरक्षा में अपना योगदान दे रही है। आइये आपको दुनिया की कुछ प्रमुख खुफिया एजेंसी के बारे में बताते हैं जिनसे दुनिया में दुश्मन कांपता है।
RAW भारत की विदेशी खुफिया एजेंसी
1968 में स्थापित रॉ या रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यह भारत की प्राथमिक विदेशी खुफिया एजेंसी है। इसका मुख्यालय दिल्ली मे है। रॉ का प्राथमिक काम विदेशी खुफिया जानकारी इकट्ठा करना है इसके साथ ही भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए गुप्त अभियान चलाना है। एजेंसी मानव बुद्धि, सिग्नल इंटेलिजेंस और इमेजरी इंटेलिजेंस सहित विभिन्न माध्यमों से खुफिया जानकारी एकत्र करने के लिए जिम्मेदार है। रॉ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करता है और इसके एजेंट दुनिया भर के विभिन्न देशों में तैनात हैं। रॉ को पाकिस्तान, चीन और क्षेत्र के अन्य देशों पर खुफिया जानकारी इकट्ठा करने में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है।
रॉ का नेतृत्व एक निदेशक करता है, जो सीधे भारत के प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है। इस एजेंसी में सेना, पुलिस और अन्य सिविल सेवाओं सहित भारत सरकार की विभिन्न शाखाओं के अधिकारी कार्यरत होते हैं। रॉ के अधिकारी अपनी उच्च स्तरीय विशेषज्ञता और प्रशिक्षण के लिए जाने जाते हैं। इस एजेंसी को दुनिया की सबसे खुफिया एजेंसी में से एक माना जाता है।
MOSSAD इजरायल की खुफिया एजेंसी
मोसाद इजरायल की खुफिया एजेंसी है जिसकी स्तापना 1949 में हुई थी। यह इजराइल की सीमाओं के बाहर खुफिया संग्रह, गुप्त संचालन, और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार है। इस एजेंसी का मुख्य लक्ष्य इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करना है, जिसमें आतंकवादी हमलों को विफल करना और शत्रुतापूर्ण राज्यों और गैर-राज्य अभिनेताओं द्वारा सामूहिक विनाश के हथियारों के विकास और अधिग्रहण को रोकना शामिल है। मोसाद ने सबसे जटिल और साहसी गुप्त ऑपरेश्नों को अंजाम देने का काम किया है। मोसाद एजेंसी भी इजरायल के प्रदानमंत्री के मार्गदर्शन में काम करता है और सीधे प्रदान मंत्री कार्यलय को रिपोर्ट करता है।
CIA दुनिया की सबसे प्रसिद्ध एजेंसी
1947 में स्थापित केन्द्रीय खुफिया एजेंसी दुनिया की सबसे प्रसिद्ध एजेंसियों में से एक है। यह संयुक्त राज्य सरकार की प्राथमिक खुफिया एजेंसी में शामिल है। इसका प्राथमिक मिशन अमेरिकी नीति निर्माताओं को सूचित निर्णय लेने में मदद करने के लिए विदेशी सरकारों, संगठनों और व्यक्तियों के बारे में जानकारी एकत्र करना और उनका विश्लेषण करना है। इस एजेंसी में लगभग 21 हजार लोग काम करते हैं। CIA का बजट वर्गीकृत है, लेकिन माना जाता है कि यह $15 बिलियन से $20 बिलियन प्रति वर्ष की सीमा में है।
NSA संयुक्त राज्य अमेरिका की एजेंसी
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी संयुक्त राज्य अमेरिका की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी में से एक है। इसका प्राथमिक मिशन सिग्नल इंटेलिजेंस और साइबर इंटेलिजेंस सहित विदेशी संचार एकत्र करना और उसका विशलेषण करना है। एजेंसी अमेरिकी सरकार के संचार और सूचना प्रणाली को साइबर हमलों से बचाने के लिए भी जिम्मेदार है। यह एजेंसी विश्लेषकों क्रिप्टोलॉजिस्ट और साइबर विशेषज्ञों सहित लगभग 30,000 लोगों को रोजगार देती है।NSA का बजट वर्गीकृत है, लेकिन माना जाता है कि यह $10 बिलियन से $15 बिलियन प्रति वर्ष की सीमा में है।
FSB रूसी संघ की मुख्य एजेंसी
संघीय सुरक्षा सेवा रूसी संघ की मुख्य एजेंसी है। यह रूसी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घरेलू और विदेशी दोनों खतरों पर खुफिया जानकारी एकत्र करने और विश्लेषण करने के साथ- साथ प्रतिवाद और आतंकवाद विरोधी अभियानों का संचालन करने के लिए जिम्मेदार है। FSB का बजट वर्गीकृत है, लेकिन माना जाता है कि यह $5 बिलियन से $10 बिलियन प्रति वर्ष की सीमा में है। एजेंसी लगभग 300,000 लोगों को रोजगार देती है, जिनमें ऑपरेटिव, विश्लेषक और सहायक कर्मचारी शामिल हैं।
ISI पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी
1948 में स्थापित पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का मुख्यालय इस्लामाबाद के शहराह-ए-सुहरावर्दी में है। इसकी नींव ऑस्ट्रेलियाई मूल के ब्रिटिश आर्मी ऑफिसर मेजर जनरल आर. कैथोम ने रखी थी, जो उस वक्त पाकिस्तानी आर्मी स्टाफ के मुख्य थे। देश की सुरक्षा के नाम पर आईएसआई पर आए दिन आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते हैं, कई आतंकी हमलों में उसका हाथ माना जाता है।