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सरकार की नाकामियों को छुपाने का प्रयास है इन्वेस्टर समिट, करन माहरा ने साधा निशाना

प्रदेश में आठ और नौ दिसंबर को होने वाले इन्वेस्टर समिट को लेकर सरकार तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसको लेकर अब सरकार पर निशाना साध रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि इन्वेस्टर समिट सरकार की नाकामियों को छुपाने का प्रयास है।

इन्वेस्टर समिट को लेकर विपक्ष ने साधा निशाना

इन्वेस्टर समिट शुरू होने में केवल दो दिन बाकी है। एक ओर इसे लेकर जहां सरकार मेहमानों के स्वागत के तैयारियों में जुटी हुई है तो वहीं दूसरी ओर इसको लेकर अभी से राजनीति शुरू हो गई है। विपक्ष इससे लेकर सरकार पर हमलावर होता नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने इन्वेस्टक समिट को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है।

सरकार की नाकामियों को छुपाने का प्रयास है इन्वेस्टर समिट

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि इन्वेस्टर समिट सरकार की नाकामियों को छुपाने का प्रयास है। करन माहरा ने कहा है कि आठ तारीख को होने वाले इन्वेस्टर मीट में पीएम मोदी भी आ रहे हैं ये समय प्रदेश के लिए विचारणीय समय है।

उन्होंने कहा कि साल 2000 में जब राज्य का गठन हुआ था तो प्रदेश की कमान नारायण दत्त तिवारी को मिली थी। उस समय प्रदेश में लगभग 2000 छोटे बड़े उद्योग स्थापित किए गए थे। उन्होंने कहा कि बिना किसी इन्वेस्टर मीट के उन्होंने सिडकुल की स्थापन की और 2003 ने अच्छा आर्थिक पैकेज मिला। जिससे बड़े स्तर पर लाभ हुआ।

इन्वेस्टर समिट के नाम पर छोटे उद्योगों के साथ हो रहा कुठाराघात

करन माहरा ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के नाम पर छोटे उद्योगों के साथ कुठाराघात हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ में उद्यमों की कोई सुविधा नहीं है और ना ही औद्योगिक जल निकासी की व्यवस्था भी नहीं है। पहाड़ में उद्योगपति आते हैं तो होम स्टे की सुविधाएं तक उस स्तर पर नहीं है जिस स्तर की होनी चाहिए।

मैकेंजी ग्रुप के कदम नहीं बड़े आगे

करन माहरा ने सवाल पूछते हुए कहा कि उत्तराखंड में अमेरिकन कंपनी मैकेंजी ग्रुप को लाया गया था। इसे उत्तराखंड में दो शर्तों कि वो उत्तराखंड के सभी कर्जे चुकाएगी और प्रदेश की जीडीपी को बढ़ाएगी के साथ लाया गया था। लेकिन एक साल होने को है लेकिन इस कंपनी के बारे नें सरकार कुछ भी नहीं बता रही है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि ये कंपनी ब्लैक लिस्टेड है।

एक बार फिर एमओयू साइन कर दिखाए जा रहे सपने

इन्वेस्टर समिट से पहले देश के साथ विदेशों में भी कई जगह रोड शो किए गए। इस दौरान कई कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए गए। करन माहरा का कहना है कि लंदन में ऐसी कंपनी के साथ एमओयू साइन किए गए जिसका मुख्यालय भारत में ही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 2018 में भी कई एमओयू साइन हुए थे और आश्वासन दिया गया सपने दिखाए गए लेकिन हकीकत कुछ और ही रही। उन्होंने कहा कि इस बार भी वैसे ही सपने दिखाए जा रहे हैं।

उन्होंने 2018 में पूर्ववर्ती त्रिवेंद्र सरकार के समय हुए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट पर भी जमकर निशाना साधा। माहरा ने मांग की है कि 2018 में सवा लाख करोड़ के निवेश का दावा करने वाली भाजपा सरकार श्वेत पत्र जारी करे। उन्होंने कहा कि इस बार जो प्रचार-प्रसार हो रहा है वो एक बार फिर अपनी नाकामियों से जनता का ध्यान भटकने की कोशिश है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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