India US Trade Deal: 50 से घटाकर 18% किया Tarrif, रूसी तेल ना खरीदने की शर्त पर हुई ट्रेड डील

India US Trade Deal: फाइनली भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण व्यापास समझौते का ऐलान हो गया है। दो दोनों देशों के रिश्तों की एक नई पहल हो सकती है। दरअसल बीते दिन दो फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर किया। जिसमें उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद ये सौदा हुआ है। जो कि तुरंत ही लागू किया जाएगा।
India US Trade Deal: 50 से घटाकर 18% किया टैरिफ!
ट्रंप ने पोस्ट में बताया कि भारत से अमेरिका में आने वाले सामान पर अब रेसिप्रोकल टैरिफ 25 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही रूसी तेल की खरीदारी के चलते लगाया जाने वाला एडिशनल 25% पैनाल्टी टैरिफ को भी हटा दिया गया है। पहले जहां टैरिफ 50% था। अब उसे 18 प्रतिशत कर दिया गया है। ट्रंप ने दावा किया कि भारत अब रूस से तेल लेना बंद कर देगा। अब वो वेनेजुएला से ज्यादा तेल और ऊर्जा खरीदेगा। जिससे यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा युद्ध जल्द खत्म होगा।
रूसी तेल ना खरीदने की शर्त पर हुई ट्रेड डील
आगे ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि भारत अमेरिका से प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, कृषि उत्पाद, कोयला आदि अन्य सामानों की 500 अरब डॉलर से ज्यादा की खरीददारी करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को जिरों करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। मोदी को दोस्त बताते हुए ट्रंप ने बताया कि अब भारत अमेरिकी सामान ज्यादा खरीदेगा।
PM मोदी ने भी ट्रंप की घोषणा के बाद किया पोस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। उन्होंने खुशी जाहित करने हुए बताया कि अब भारत निर्मित उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। इस घोषणा के लिए उन्होंने सभी भारतीयों की तरफ से ट्रंप का धन्यवाद दिया।
रूस से तेल न खरीदने का नहीं किया जिक्र
हालांकि पीएम मोदी ने केवल टैरिफ में कटौती की बात कही। इस पोस्ट में रूस से तेल की खरीद बंद या फिर अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद या फिर टैरिफ को शून्य करने जैसी कोई भी बात शामिल नहीं थी। तो वहीं अमेरिका की तरफ से व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि रूसी तेल से जुड़े दंडात्मक टैरिफ हटाए जा रहे हैं।
अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीदारी करेगा भारत?
मौजूदा व्यापार स्तर की बात करें तो दोनों देशों के बीच ये काफी कम है। FY25 में भारत का अमेरिकी आयात (Import) सिर्फ 45.69 अरब डॉलर रहा। दोनों देशों के बीच टोटल व्यापार को देखा जाए तो ये केवल 132.2 अरब डॉलर था। ऐसे में अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद देश के लिए काफी कठिन है। ये ना तो स्पष्ट है और ना ही प्रेक्टिकल है।
बताते चलें कि बीते एक साल से भारत और अमेरिका के बीच अनबन की स्थिति बनी रही है। ये समझौता एक साल से चल रहे तनावपूर्ण स्थिति के बाद आया है।