
देशभर में सीएए और एनआरसी का विरोध हो रहा है, भीड़ हिंसक हो उठी है, जान माल को नुकसान पहुंचाया गया. वहीं पीएम मोदी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली को संबोधित करते हुए हिंसा पर भड़ास निकाल. मोदी ने नागरिकता कानून के विरोध पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमने योजनाएं लागू करने में कभी किसी का धर्म नहीं पूछा, अगर मेरे कामों में भेदभाव की बू आए तो यह देश को बताएं। मैं पसंद नहीं तो मेरे पुतले को जूते मारो, लेकिन गरीब की झोपड़ी मत जलाओ।
सोशल मीडिया में डालकर भ्रम और आग फैलाने का गुनाह किया-पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि ये लोग किस तरह अपने स्वार्थ के लिए, अपनी राजनीति के लिए किस हद तक जा रहे हैं, ये आपने पिछले हफ्ते भी देखा है. जो बयान दिए गए, झूठे वीडियो, उकसाने वाली बातें कहीं, उच्च स्तर पर बैठे लोगों ने सोशल मीडिया में डालकर भ्रम और आग फैलाने का गुनाह किया है.पीएम मोदी ने कहा कि मैं इन भ्रम फैलाने वाले, झूठ बोलने वालों से पूछना चाहता हूं कि जब मैंने दिल्ली की सैकड़ों कॉलोनियों को वैध किया तो क्या किसी से पूछा था कि आपका धर्म क्या है, आपकी आस्था क्या है, आप किस पार्टी को वोट देते हैं, आप किस पार्टी के समर्थन हैं? क्या हमने आपसे कोई सबूत मांगे थे? 70 का सबूत लाओ, 75 का सबूत लाओ, 80 का सबूत लाओ, क्या हमने मांगा था?
#WATCH PM Narendra Modi, in Delhi: Congress and its friends, some urban naxals are spreading rumours that all Muslims will be sent to detention centres…Respect your education, read what is Citizenship Amendment Act and NRC. You are educated. pic.twitter.com/30kQc7pdhO
— ANI (@ANI) December 22, 2019
मुसलमान का नागरिकता कानून और NRC से कोई लेना-देना नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि चाहे कोई हिंदू हो या मुसलमान, सीएए उसके लिए है ही नहीं। यह संसद में बोला गया है। जो देश में लोग रह रहे हैं, उनका इससे कोई वास्ता नहीं है। एनआरसी के बारे में भी झूठ फैलाया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे बनाया था। हम इसे लाए नहीं, लेकिन हौव्वा खड़ा किया जा रहा है। हम आपको आपके अधिकार दे रहे हैं। तो क्या आप लोगों को निकाल देंगे। बच्चों जैसी बातें हो रही हैं। कांग्रेस और उसके जैसे दलों ने चिल्ला दिया- वो देखो कौआ कान काटकर उड़ गया। कुछ लोग कौए के पीछे भागने लगे। पहले अपना कान तो देख लीजिए कि कौआ काट ले गया या नहीं। पहले देखिए तो कि एनआरसी में कुछ हुआ भी है क्या। सुप्रीम कोर्ट ने जब कहा तो हमें असम के लिए एनआरसी करना पड़ा।
यह कानून महात्मा गांधी की भावना के अनुकूल है.-पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि जिन लोगों के लिए यह बिल लाया जा रहा है उनमें अधिकतर दलित हैं. जो नेता खुद को दलितों का हितैषी मानते हैं वह भी इस बिल का विरोध कर रहे हैं. यह कानून महात्मा गांधी की भावना के अनुकूल है. जो लोग महात्मा गांधी के मानते हैं, उनके नाम का झंडा उठाते हैं वह भी बिल का विरोध कर रहे हैं. कम से कम महात्मा गांधी की बातों को तो नजरअंदाज मत करो. मोदी ने कहा कि यह बिल लोगों को नागरिकता देने का है न कि लेने का. महात्मा गांधी के सपने को एनडीए सरकार पूरा कर रही है.