उत्तराखंड: फोन पर अगर कोई ऐसा पूछे तो ना करें भरोसा

 

देहरादून: बदले वक्त के साथ जिस तरह से जमाना हाईटेक होता जा रहा है। लोग ऑफलाइन से ज्यादा अपने काम ऑनलाइन कर रहे हैं। उससे जहां लोगों को सुविधा मिली है। वहीं, खतरे भी बढ़ गए हैं। डाटा चोरी से लेकर अन्य कई तरह के खतरे हैं। लेकिन, जो सबसे बड़ा खतरा है। वह, ये है कि लोगों के बैंक खातों पर सेंधमारी हो रही है।

उत्तराखंड खासकर राजधानी देहरादून में भी स्थिति खराब है। राजधानी देहरादून साइबर धोखाधड़ी के मामलों में देश में नबंर 5 पर है। केवाईसी अपडेट करने के नाम पर लोगां के बैंक खातों से साइबर ठग लाखों उड़ा रहे हैं। राजधानी देहरादून के देहरादून साइबर थाने में लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।

हम बैंक खाते खुलवाते हैं या फिर वॉलेट पर सत्यापन करते हैं तो, एजेंसी हमारा सत्यापन कराती है। मोबाइल का सिम की भी केवासी कराई जाती है। ठग फोन कर लोगों को अपने झांसे में ले लेते हैं और लोगों के खाते से रकम उड़ा लेते हैं। कोरोनाकाल में इस तरह के मामले तेजी से बढ़े हैं।

साइबर सीओ अंकुश मिश्रा ने बताया की इस साल हमने साइबर धोखाधड़ी में 31 मुकदमें दर्ज किए हैं। इनमें कई मामले केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर किए जा रहे हैं। इससे लोगों के खातों पर सेंध लग रही है। लाखांे की ठगी हो रही है।

ऐसे बच सकते हैं आप
1-कोई भी केवाईसी आपके फोन के माध्यम से अपडेट नहीं होती है।
2-कोई भी केवाईसी किसी भी ऑनलाइन लिंक के माध्यम से अपडेट नहीं होती है।
3-कोई भी मोबाइल नंबर आपका फोन पर किसी फोनकर्ता के कहने पर ब्लॉक नहीं होती है।
4-कोई भी मोबाइल नंबर आपका एक्टिवेशन और डीएक्टिवेशन फोन के माध्यम से नहीं होता है।

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